गिरिडीह में बीएड विद्यार्थियों का अभिमुखीकरण, डॉ. शालिनी खोवाला ने अनुशासन व समयपालन पर दिया जोर
डॉ. शालिनी खोवाला ने किया नवप्रवेशित विद्यार्थियों का मार्गदर्शन, कहा—अनुशासन और समयपालन को बनाएं जीवन का हिस्सा
स्कॉलर बी.एड. कॉलेज में नए विद्यार्थियों का हुआ स्वागत, प्रशिक्षण और अनुशासन की दी गई जानकारी
गिरिडीह, 24 सितंबर। स्कॉलर बी.एड. महाविद्यालय, गिरिडीह में बी.एड. सत्र 2026–28 के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य नए विद्यार्थियों को बी.एड. प्रशिक्षण की शैक्षणिक व्यवस्था, पाठ्यक्रम, अनुशासन तथा महाविद्यालय की गतिविधियों से परिचित कराना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला एवं शिक्षकों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। इसके बाद नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने अपना परिचय दिया। शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मचारियों ने भी विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त किया और बी.एड. प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर जानकारी साझा की।
इस दौरान विद्यार्थियों को बी.एड. पाठ्यक्रम की संरचना, विषयों, कक्षा-शिक्षण, प्रायोगिक कार्य, विद्यालयी इंटर्नशिप, आंतरिक मूल्यांकन तथा विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में विस्तार से बताया गया। शिक्षकों ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षण का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में जिम्मेदारी, संवेदनशीलता, नेतृत्व क्षमता और बेहतर शिक्षकीय व्यवहार विकसित करना भी है।
नए विद्यार्थियों को महाविद्यालय के नियमों एवं अनुशासन, नियमित उपस्थिति, समयपालन और आचार-संहिता की जानकारी दी गई। साथ ही शिक्षकों एवं सहपाठियों के प्रति सम्मानजनक व्यवहार तथा महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के महत्व पर भी जोर दिया गया।
प्राचार्या ने विद्यार्थियों को किया प्रेरित
अपने संबोधन में प्राचार्या डॉ. शालिनी खोवाला ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि महाविद्यालय का समय केवल पढ़ाई और परीक्षा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह व्यक्तित्व निर्माण और भविष्य को दिशा देने का महत्वपूर्ण अवसर होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से समय का सदुपयोग करने, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाने और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर गंभीर रहने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि बी.एड. के दो वर्षों के दौरान विद्यार्थी बेहतर शिक्षक बनने के साथ-साथ एक जिम्मेदार नागरिक और संवेदनशील इंसान के रूप में भी स्वयं को विकसित करें। उन्होंने सभी नवप्रवेशित विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए नए सत्र की शुरुआत नई ऊर्जा और सकारात्मक सोच के साथ करने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं और सवालों का समाधान भी किया गया। उन्हें महाविद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. संतोष चौधरी ने किया। प्रभावी एवं उत्साहपूर्ण मंच संचालन से कार्यक्रम का माहौल जीवंत बना रहा। कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. राजेंद्र प्रसाद एवं डॉ. सुधांशु शेखर जमैयार रहे।
इस अवसर पर सहायक व्याख्याता डॉ. हरदीप कौर, डॉ. सुधांशु शेखर जमैयार, डॉ. प्रवीण मिश्रा, डॉ. डॉली कुमारी, रणजीत कुमार सिंह, डॉ. प्रिया कुमारी एवं आशीष राज सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारी तथा बी.एड. सत्र 2026–28 के विद्यार्थी मौजूद रहे।

