गिरिडीह: बीजेपी प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव ने राज्य सरकार पर निकाय चुनाव को लेकर हमला बोला

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुरेश साव सोमवार को अपने गिरिडीह, शास्त्री नगर आवासीय कार्यालय में प्रेस जारी कर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक नहीं पहुँच पा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार की नीतियाँ जिम्मेदार हैं। सुरेश साव ने मांग की. कि नगर निकाय चुनाव बैलेट पेपर के बजाय इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के माध्यम से तथा दलीय आधार पर अविलंब कराए जाएँ। उन्होंने आरोप लगाया कि झारखंड में अफसरशाही हावी है और चुने हुए जनप्रतिनिधियों के अभाव में निकायों में मनमानी व भ्रष्टाचार बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सरकार भाजपा की बढ़ती लोकप्रियता से भयभीत होकर जानबूझकर दलीय आधार पर नगर निकाय चुनाव नहीं करा रही है। इससे भ्रष्ट अधिकारियों के तानाशाही रवैये और माफियाओं द्वारा झारखंड की खनिज संपदा की तस्करी में कोई बाधा न आए, सरकार यही चाहती है। श्री साव ने झारखंड सरकार से मांग की कि नगर निकाय चुनाव दलीय आधार पर कराने की तिथि की घोषणा अविलंब की जाए।
सुरेश साव ने कहा कि राज्य सरकार नगर निकाय चुनाव न कराने के लिए लगातार बहानेबाज़ी कर रही है। नगर निकायों में जनप्रतिनिधि न होने के कारण आज अफसरशाही का राज कायम है। आम नागरिकों का कोई भी कार्य बिना लेन-देन के नहीं हो रहा है। ब्लॉक हो या नगर निकाय का कार्यालय—हर जगह बिचौलियों का बोलबाला है। हर छोटे-बड़े काम के लिए खुलेआम पैसों की मांग की जा रही है और पैसा न देने पर फाइलें ठंडे बस्ते में डाल दी जाती हैं। नगर निकाय चुनाव नहीं होने के कारण आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोकतंत्र को कमजोर करने वाली इस स्थिति के लिए राज्य सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। भारतीय जनता पार्टी नगर निगम , नगर परिषद, नगर पालिका का चुनाव शीघ्र कराने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी और आम नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज़ बुलंद करेगी।

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