गढ़वा नगर परिषद की जांच फाइल 2.5 महीने से लंबित, दीपक शर्मा ने उठाए कार्रवाई पर सवाल
गढ़वा नगर परिषद की जांच फाइल ढाई महीने से लंबित, कार्रवाई में देरी क्यों : दीपक शर्मा
गढ़वा। गढ़वा नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ आजसू पार्टी के जिला अध्यक्ष दीपक शर्मा ने रविवार को प्रेस वार्ता कर प्रशासन से कार्रवाई में तेजी लाने की मांग की। उन्होंने कहा कि नगर परिषद से जुड़े मामलों को लेकर पार्टी पिछले कई वर्षों से संघर्ष करती आ रही है और अब यह लड़ाई निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है।
दीपक शर्मा ने कहा कि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी के विरुद्ध लगाए गए कई आरोप एवं अनियमितताएं गढ़वा अनुमंडल पदाधिकारी की जांच में सत्य पाई गई हैं। उन्होंने दावा किया कि तत्कालीन उपायुक्त अनन्य मित्तल ने तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार के विरुद्ध प्रपत्र ‘क’ गठित करने का निर्देश भी दिया था, लेकिन करीब ढाई महीने से संबंधित फाइल अपर समाहर्ता-1 के स्तर पर लंबित है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जब जांच में गंभीर अनियमितताएं सामने आ चुकी हैं, तो कार्रवाई में देरी क्यों की जा रही है। गढ़वा जिले में छोटे कर्मचारी जैसे मनरेगा कर्मचारी वोट शिक्षक हो ऐसे लोगों को 24 घंटे में प्रपत्र का गठित कर उन्हें सस्पेंड कर दिया जाता है ऐसे कई मामला सामने आ चुके हैं । जबकि नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी लगातार कई मामलों में भ्रष्टाचार में संकलित है वह जांच रिपोर्ट में स्पष्ट भी हो चुकी है । उन्होंने प्रशासन से मामले में शीघ्र निर्णय लेने की मांग की।
अपने मकान को तोड़ने के नोटिस पर भी उठाए सवाल
दीपक शर्मा ने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लड़ाई निर्णायक दौर में पहुंचने के बाद पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर कार्यपालक पदाधिकारी के द्वारा लगातार नोटिस के माध्यम से दबाव में लेने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 7 अगस्त को उनके मकान को तोड़ने के संबंध में 15 दिनों का नोटिस जारी किया गया है।
उन्होंने कहा कि उन्होंने नगर परिषद का बकाया कर भुगतान किया है तथा मार्च 2026 तक का नो-ड्यूज/क्लियरेंस प्रमाणपत्र भी प्राप्त किया है। उनका दावा है कि उनका मकान 1918 के खतियान की जमीन पर बना है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि मकान अवैध था तो नगर परिषद ने वर्ष 2016 से 2026 तक होल्डिंग टैक्स किस आधार पर लिया और रसीदें क्यों जारी की गईं।
दीपक शर्मा ने कहा कि वे कानून में विश्वास रखते हैं और यदि नगर परिषद की कार्रवाई कानून सम्मत है तो वे कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि मकान तोड़ने से भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल खत्म नहीं होंगे।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद में कथित भ्रष्टाचार, अनियमितताओं और सरकारी राशि के दुरुपयोग से जुड़े मामलों को एक-एक कर जनता के सामने लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को परेशान करना नहीं, बल्कि जनता के पैसे का हिसाब, नगर परिषद में पारदर्शिता और भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, “नोटिस देकर या मकान तोड़ने की धमकी देकर दीपक शर्मा को डराया या झुकाया नहीं जा सकता। मैं हमेशा झोपड़ी में रहा हूं मेरा मकान भी टूट जाए तो मुझे कोई मलाल नहीं होगा फिर मैं झोपड़ी में ही रहूंगा लेकिन यह लड़ाई अंतिम सांस तक जारी रहेगा।
इस अवसर पर केंद्रीय सचिव शंकर प्रताप विश्वकर्मा युवा आजसू के प्रदेश संयोजक रविंद्र नाथ ठाकुर ठाकुर, केंद्रीय सदस्य संतोष केसरी श्री नंदू ठाकुर, जिला प्रवक्ता श्री गोरखनाथ चौधरी श्री विकास कुमार उपस्थित थे।

