गढ़वा में आनंद मार्ग प्रचारक संघ के त्रिदिवसीय सेमिनार का शुभारंभ, आध्यात्मिक चिंतन और प्राउट पर चर्चा
गढ़वा। आनंद मार्ग प्रचारक संघ की ओर से सोनपुरवा में शनिवार को त्रिदिवसीय सेकंड डायोसिस लेवल सेमिनार का भव्य शुभारंभ किया गया। मुख्य प्रशिक्षक आचार्य सत्यव्रतानंद अवधूत ने आराध्य बाबा गुरुदेव श्री श्री आनंदमूर्ति जी की प्रतिकृति पर पुष्प अर्पित कर सेमिनार की शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने सेमिनार के महत्व और उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आचार्य सत्यव्रतानंद अवधूत ने सेमिनार के प्रमुख विषयों ‘रूप और रूपातीत’, ‘भक्ति रूप सेतु’ तथा ‘प्रउत’ पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में आध्यात्मिक चिंतन के साथ सामाजिक समस्याओं और आवश्यकताओं पर विचार-विमर्श कर समतामूलक समाज के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रगतिशील उपयोग तत्त्व (प्राउट) के सिद्धांतों में विश्व की विभिन्न सामाजिक-आर्थिक समस्याओं के समाधान की संभावनाएं निहित हैं और इसके विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन एवं शोध किया जा रहा है।
कार्यक्रम में अवधूतिका सर्वज्ञानंद आचार्या, आचार्य मुक्तिश्वरानंद अवधूत, भुक्ति प्रधान धर्मेंद्र देव, दिनेश राम जनम, डॉ. रामानुज प्रसाद, कैलाश प्रसाद, मनोज दादा, अनुप हरिद्वार, सूचित दादा, तृप्ति रानी, अमन देव, संदीप देव, रोहित देव, राजेश देव, इंद्रजीत देव और रघुनाथ दादा सहित बड़ी संख्या में आनंदमार्गी उपस्थित रहे। सेमिनार के दौरान आध्यात्मिक विकास के साथ सामाजिक समरसता और मानव कल्याण से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।


