फर्जी वन अधिकारी बनकर की पेड़ कटाई की कोशिश, ग्रामीणों ने किया नाकाम
हंटरगंज(चतरा): चतरा जिला के हंटरगंज प्रखण्ड क्षेत्र के केदलीकला पंचायत अंतर्गत बेलगड़ा नावाडीह के गोमिया पहाड़ के पास तथाकथित वन विभाग के फर्जी अधिकारी बनकर आए एक अज्ञात व्यापारी के द्वारा आरा मशीन के माध्यम से दो हरे लिप्टस पेड़ो की कटाई का मामला प्रकाश में आया है हालांकि ग्रामीणों ने तथाकथित फर्जी अधिकारी को खदेड़ दिया।मौके पर पहुंची वन विभाग के टीम ने दो पेड़ सहित जड़े भी बरामद की हैं।जानकारी के अनुसार सोमवार देर शाम एक बाइक से दो अज्ञात व्यापारी जंगल पहुंचे और आरामशीन के माध्यम से अंधाधुन पेड़ो कि कटाई करने लगे जिसके बाद ग्रामीण आरा मशीन की आवाज सुनकर जंगल की ओर पहुंचे जहां देखा की दो अज्ञात व्यक्ति के द्वारा मशीन की माध्यम से पेड़ की कटाई की जा रही है। जिसके बाद जब ग्रामीणों ने उनलोगो से परिचय पूछा तो लकड़ी माफिया (व्यापारी) के द्वारा बताया गया की हमलोग वन विभाग के अधिकारी हैं। जिसके बाद ग्रामीणों को उनपर सक हुआ इसके बाद ग्रामीणों ने दूरभाष के माध्यम से वन विभाग के अधिकारी से बात की जहां बताया गया की कोई भी अधिकारी उस फील्ड में नहीं गया हैं। जिसके बाद सैकड़ों ग्रामीण जुट गए ग्रामीणों को एकजुट देखते ही फर्जी वन अधिकारी और उसके सहयोगी बाइक चालू कर नौ दो ग्यारह हो गए हालांकि ग्रामीणों ने फर्जी अधिकारी को पकड़ने का प्रयास भी किया लेकिन सफल नहीं हो पाए। इसकी सूचना रात को ही हंटरगंज प्रभारी वनपाल चंदन कुमार को दी गई। सूचना मिलते ही सुबह अपने टीम के प्रभारी वनपाल घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों से पेड़ कटाई के संबध में जानकारी ली। इधर ग्रामीणों ने बताया कि 50 वर्ष पूर्व से कितना मुश्किल से पेड़ को बचाएं है। फर्जी अधिकारी ने आंख में धूल झोंककर सारा पेड़ को कटाई करने का प्लान बनाया था जिसका मोबाइल नंबर 8667616249 है। आगे ग्रामीणों ने कहा कि जान दे देंगे लेकिन पेड़ को कटने नहीं देंगे। उन्होंने वन विभाग के वरीय अधिकारी से फर्जी अधिकारी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग है। अब देखना होगा की अधिकारी इस मामले में क्या कुछ करते हैं?
हालांकि इस मामले में पूछे जानें पर हजारीबाग निवासी व्यापारी रौशन गुप्ता ने बताया गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि यह जमीन गौरमाजरुआ है । वही जमीन दिनेश्वर भुईयां का है जिसकी मौत हो गई है हमलोग उसके पोता है।जिसके बाद मैं सभी पेड़ो का सौदा किया था दो पेड़ काटने के बाद ग्रामीण विरोध करने लगे जिसके बाद हमलोग पेड़ काटना छोड़ दिए।

