ईमानदारी की मिसाल थे पलामू अधिवक्ता संघ के कर्मचारी कृष्णा राम चंद्रवंशी — रूचिर तिवारी
डालटनगंज: पलामू जिला बार एसोसिएशन के वरिष्ठ कर्मचारी कृष्णा राम चंद्रवंशी के निधन से अधिवक्ता समुदाय में गहरा शोक व्याप्त है। लगभग 70 वर्ष की आयु में शुक्रवार सुबह उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन की सूचना मिलते ही अधिवक्ताओं और परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। कोयल नदी तट पर उनके पार्थिव शरीर का दाह संस्कार किया गया, जिसमें भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के जिला सचिव सह अधिवक्ता रूचिर कुमार तिवारी, सूर्यपत सिंह, जितेंद्र सिंह,संजय राम,अधिवक्ता सच्चिदानंद नेहरू, बिनोद तिवारी एवं पंकज किशोर पाठक समेत कई अधिवक्ता उपस्थित रहे। सभी ने श्रद्धांजलि अर्पित की और अधिवक्ता रूचिर तिवारी ने शोक संवेदना व्यक्त करते हुए दाह संस्कार में लकड़ी दी। श्री तिवारी ने भावुक होकर कहा कि कृष्णा राम सच्चे अर्थों में ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक थे।उन्होंने एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि वर्ष 2012 में जब वह बार एसोसिएशन में गये थे, तब उनका कीमती मोबाइल कार्यालय में ही छूट गया था। अगले दिन जब उन्होंने पूछा तो कृष्णा राम जी ने मुस्कुराते हुए मोबाइल लौटाते हुए कहा कि “आपका मोबाइल यहीं छूट गया था।” उनकी इस ईमानदारी ने उन्हें अभिभूत कर दिया था। रूचिर तिवारी ने आगे कहा कि ऐसे व्यक्ति बहुत कम मिलते हैं जो अपने कार्य और व्यवहार से दूसरों के लिए प्रेरणा बनें। कृष्णा राम चंद्रवंशी का निधन न केवल अधिवक्ता संघ बल्कि पूरे समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। सभी अधिवक्ताओं ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी और परिवार के प्रति संवेदना प्रकट की।

