धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और न्याय की जीत : बिट्टू पाठक
धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के संघर्ष और न्याय की जीत : बिट्टू पाठक
पलामू जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व अध्यक्ष राज्य सचिव जैश रंजन पाठक उर्फ़ बिट्टू पाठक ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्रों के लंबे संघर्ष, लोकतांत्रिक आवाज और न्याय की मांग की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक घटना नहीं, बल्कि उन लाखों छात्रों की आवाज की जीत है जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और निष्पक्षता की मांग को मजबूती से उठाया।
देश आज भी उन 22 छात्रों की दर्दनाक आत्महत्याओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े गंभीर सवालों को नहीं भूला है। जब देश का युवा अपने भविष्य, निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था और न्याय की मांग को लेकर सड़कों पर उतरा, तब सरकार ने उनकी पीड़ा सुनने के बजाय आंदोलन को दबाने का प्रयास किया। छात्रों पर लाठीचार्ज, गिरफ्तारी और उनकी आवाज को दबाने की कोशिश लोकतांत्रिक मूल्यों पर आघात थी।
उन्होंने उन सभी छात्र-छात्राओं को श्रद्धांजलि अर्पित की जिन्होंने व्यवस्था की विफलताओं के बीच अपनी जान गंवाई। उन्होंने कहा कि इन युवाओं का संघर्ष और साहस पूरे देश के लिए प्रेरणा का स्रोत है तथा उनकी कुर्बानी को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
बिट्टू पाठक ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों की आवाज को संसद से लेकर सड़क तक मजबूती से उठाया। राहुल गांधी ने लगातार युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से उठाया तथा हर परिस्थिति में छात्रों के साथ खड़े रहे।
उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्रों के दबाव और जनभावनाओं का परिणाम हो सकता है, लेकिन इससे उन परिवारों का दर्द कम नहीं होगा जिन्होंने अपने बच्चों को खोया है। देश के युवा केवल इस्तीफा नहीं, बल्कि ऐसी शिक्षा व्यवस्था चाहते हैं जहां मेहनत का सम्मान हो, परीक्षाएं निष्पक्ष हों, युवाओं की आवाज सुनी जाए और किसी भी छात्र को निराश होकर अपनी जान न गंवानी पड़े।


