डीसी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर जताई गहरी चिंता

डीसी ने सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में सड़क दुर्घटनाओं पर जताई गहरी चिंता

दुर्घटना संभावित स्थलों के लिए अलग कार्ययोजना बनाने का निर्देश,प्रवर्तन अभियान और तेज करने पर जोर

जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत की अध्यक्षता में मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं, ब्लैक स्पॉट, प्रवर्तन कार्रवाई एवं सड़क सुरक्षा उपायों की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने सड़क दुर्घटनाओं में हो रही जनहानि पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि “सड़क दुर्घटना में किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाना इससे अधिक दुखद और कुछ नहीं हो सकता। प्रत्येक दुर्घटना के पीछे एक परिवार का दर्द जुड़ा होता है।” उन्होंने दुर्घटना संभावित स्थलों की मैप आधारित समीक्षा करते हुए ऐसे क्षेत्रों के लिए अलग कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। साथ ही सड़क अभियांत्रिकी सुधार, संकेतक, रंबल स्ट्रिप, रिफ्लेक्टर, प्रकाश व्यवस्था एवं प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

समीक्षा में बताया गया कि जनवरी से जून 2026 तक जिले में 193 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 143 लोगों की मृत्यु एवं 126 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। उपायुक्त ने हेलमेट, सीट बेल्ट, ओवरस्पीडिंग और ड्रंक एंड ड्राइव के विरुद्ध नियमित अभियान चलाने तथा सड़क सुरक्षा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि जून 2026 में 1,214 चालान कर ₹24.75 लाख का जुर्माना वसूला गया। इनमें 392 बिना हेलमेट, 108 बिना ड्राइविंग लाइसेंस, 73 बिना बीमा, 71 बिना फिटनेस, 38 बिना परमिट, 196 अन्य सड़क सुरक्षा उल्लंघन, 28 खतरनाक ड्राइविंग, 19 ड्रंक एंड ड्राइव तथा 4 ओवरस्पीडिंग के मामले शामिल हैं।

बैठक के अंत में गुड सेमेरिटन योजना के तहत सूर्य देव चौधरी एवं मयंक कुमार को चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी,जिला परिवहन पदाधिकारी,प्रमोद कुमार डीआईओ रणवीर कुमार समेत सड़क सुरक्षा समिति के विभिन्न सदस्य उपस्थित रहे।