दाह संस्कार का दर नहीं बढ़ेगा घाटा मैं दूंगी.. अरुणा शंकर

दाह संस्कार का दर नहीं बढ़ेगा घाटा मैं दूंगी.. अरुणा शंकर

राजा हरिश्चंद्र घाट का देखरेख अब राकेश सोनी करेंगे ।

आज चैंबर ऑफ़ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज की एक बैठक गांधी उद्यान में रखी गई जिसमें राजा हरिश्चंद्र घाट का लेखा-जोखा प्रस्तुत किया गया l इस संबंध में चेंबर के कोषाध्यक्ष अनवर द्वारा बताया गया चेंबर कोरोना काल से अभी तक मात्र ₹3500 प्रति दाह संस्कार लेता है जिसमें ₹3100 लकड़ी से लेकर, डोमराजा एवं सफाई तक वहीं के कर्मियों को दिया जाता शेष ₹400 रुपया जो लिया जाता उसमें प्रशासन द्वारा भेजा गया लावारिस बॉडी या समाज के प्रबुद्ध लोगों के अनुरोध में गरीब गुरबा या थाना से आए बॉडी का निशुल्क दाह संस्कार किया जाता । लेखा जोखा प्रस्तुत करने के क्रम में बताया गया की लगभग 9 माह जनवरी से दिसंबर तक ₹400 के दर से संस्था को 64400 प्राप्त हुआ जबकि लावारिस शरीर दाह संस्कार में मजदूरी एवं लकड़ी पर 61000 खर्च हुआ आज के दिन इस खाते में मात्र 3400 बचत है जबकि ठंडा में काफी लावारिस शरीर आ रही है ।
लेखा जोखा प्रस्तुत करते हुए चेंबर के कोषाध्यक्ष ने बताया इसके अतिरिक्त रखरखाव में जनवरी से दिसंबर तक 9 महीने में लगभग 114356/ अतिरिक्त खर्च हुआ है जिसमें बिजली, पानी, इलेक्ट्रिकल मेंटेनेंस, सीसीटीवी रिचार्जिंग, रंग रोगन, सफाई के सामग्री,और टूट फूट, नदी में बोरिंग कुएं का सफाई , कर टंकी का सफाई एवं प्रथम महापौर द्वारा दिया गया इनवर्टर मेंटेनेंस शामिल है जिसका भुगतान प्रथम महापौर अरुणा शंकर द्वारा किया गया । सभी सदस्यों ने इसके लिए प्रथम महापौर को धन्यवाद दिया ।
हरिश्चंद्र घाट कमेटी के सदस्य रिंकू दुबे ने बताया लकड़ी हम लोग घाट पर कर्मियों को पूर्व में ₹3 में उपलब्ध करा रहे थे बाद में ₹3.50 से4 रुपए तक मैं किया जा रहा जबकि बाजार मूल्य₹6 से ₹7 के बीच है लेकिन हम लोगों ने इसका बोझ शोकाकुल परिवारों पर पडने नहीं दिया आज भी 3500 में ही पूरा दाह संस्कार खर्च लिया जाता ।
सर्वसम्मति से राजा हरिश्चंद्र घाट के सफल संचालन एवं देखरेख कर रहे श्री कृष्ण अग्रवाल,रिंकू दुबे, राकेश सोनी एवं राजदेव उपाध्याय को बधाई दि । सर्वसम्मति से राजा हरिश्चंद्र घाट का अकाउंट पारित किया गया और 14 जनवरी से चेंबर के कोषाध्यक्ष अनवर जी के चेंबर के दूसरे कार्यों में व्यस्त रहने के कारण राजा हरिश्चंद्र घाट का लेखा-जोखा देखरेख करने की जवाब दही श्री राकेश सोनी को दी गई। जिसका सभी लोगों ने स्वागत किया । दाह संस्कार का दर बढ़ाने के संबंध में
प्रथम महापौर ने चेंबर को कहा यह मानवता का कार्य है कोई भी दाह संस्कार का दर नहीं पढ़ाया जाएगा जो भी रखरखाव में खर्च होगा या नुकसान होगा मैं भरपाई करूंगी । सभी लोगों ने प्रथम महापौर को अपनी ओर से 2 जार वॉटर निशुल्क प्रति दाह संस्कार उपलब्ध कराने के लिए भी बधाई दी । प्रथम महापौर ने कहा राजा हरिश्चंद्र घाट का दाह संस्कार नो लॉस नो प्रॉफिट में होगा कोई भी दर नहीं बढ़ाया जाएगा और पूर्व की भांति अतिरिक्त रखरखाव का पूरा खर्च में वहन करती आई हूं और करूंगी ।

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