चौतरफा हमला शुरू हो चुका है।बाहर से ट्रंप, उसके बाद यूरोपीय यूनियन.अंदर से चुनावों में धांधली के आरोप।

बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट से 5-7 महीना पहले ऐसे ही हालात बनने लगे थे। शेख हसीना पर भी चुनाव में धांधली के आरोप लगाए गए,
फिर उसे magnify किया गया।

आगे- आगे देखिए, चुनावों में धांधली को लेकर कई जगह प्रदर्शन और हिंसा होने वाली है।

प्रधानमंत्री मोदी ने आज कहा कि “मुझे पता है कि मुझे इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी”।
ये कोई मामूली बात नहीं है,
मोदी यूं ही कुछ भी नहीं बोलते …

बहुत से लोग ये सोचते हैं कि हम रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं,
इसलिए हम पर टैरिफ वॉर छेड़ दिया गया है। वैसे नादान लोगों को ट्रंप का आज का बयान सुनना चाहिए।

रिपोर्टर ने ट्रंप से पूछा कि अगर रूस सीजफायर को राज़ी हो जाए या यूक्रेन के साथ युद्धबंदी की घोषणा कर दे,
तो क्या आप भारत पर लगाए गए टैरिफ हटा देंगे?

ट्रंप का जवाब था:- “अभी तो हम टैरिफ और बढ़ाने जा रहे हैं”

ट्रंप की भारत के साथ मौजूदा जंग रशियन ऑयल से कहीं ज़्यादा गहरी है।
ये भारत के कृषि क्षेत्र को अमेरिकी कंपनियों के लिए खोलने की लड़ाई है।

इसके लिए ट्रंप भारत को हर मुमकिन तरह से घेरेगा।
ट्रंप पाकिस्तान को पैसे देगा, चीन को तरजीह देगा, भारत में ट्रंप के दलाल हिंसा, गृहयुद्ध और चुनावों में धांधली जैसा माहौल बनाएंगे।

पर मोदी के दुश्मन शायद एक बात भूल रहे हैं।
“मोदी इसी तरह के डबल स्टैंडर्ड से लड़ते हुए आज 30 साल से सत्ता में है”…

जवाब भी तैयार हो रहा है।
इसी महीने पुतिन भारत आ रहे हैं, फिर मोदी चीन जा रहे हैं,
उसके बाद इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भारत आएंगे।

मोदीजी बाहर वाले “पगला” को आप संभालो,
अपने वाले को हम भारतवासी देख लेंगे