बरवाडीह के आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति पर सवाल, जर्जर भवन और सुविधाओं की कमी
बरवाडीह में आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति, जर्जर भवन और बुनियादी समस्याओं पर उठे सवाल
बरवाडीह से अर्चना कुमारी की रिपोर्ट।
बरवाडीह प्रखंड में कई आंगनबाड़ी केंद्रों की बदहाल स्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। बरवाडीह बाजार, पैरा और गढ़वा ताड़ सहित विभिन्न क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में भवन की जर्जर हालत, राशन वितरण, MCP कार्ड तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण बच्चों और लाभार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय स्तर पर आरोप है कि चतरा लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि ओमप्रकाश गुप्ता को इन समस्याओं से अवगत कराने के बावजूद नियमित निरीक्षण और समस्याओं के समाधान की दिशा में अपेक्षित पहल नहीं हो रही है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि जब निरीक्षण के लिए सूचना दी जाती है, तब निजी कार्यों का हवाला देकर मामले को टाल दिया जाता है। हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित प्रतिनिधि का पक्ष सामने आना बाकी है।
पैरा में स्थानीय निवासी के यहां संचालित हो रहा आंगनबाड़ी केंद्र
बरवाडीह प्रखंड के पैरा क्षेत्र में आंगनबाड़ी केंद्र के संचालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले करीब एक वर्ष से केंद्र का संचालन एक स्थानीय निवासी के यहां किया जा रहा है। ऐसे में केंद्र के लिए उचित भवन और बच्चों को मिलने वाली सुविधाओं की व्यवस्था को लेकर संबंधित विभाग का ध्यान आकृष्ट करना जरूरी है।
गढ़वा ताड़ में नए भवन की छत टूटने लगी
वहीं, बरवाडीह के गढ़वा ताड़ में आंगनबाड़ी केंद्र के लिए करीब एक वर्ष पहले नए भवन का निर्माण कराया गया था। लेकिन आरोप है कि निर्माण के महज एक वर्ष के भीतर ही भवन की छत टूटने लगी है। इससे भवन की गुणवत्ता और निर्माण कार्य की जांच को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। यदि भवन की स्थिति ऐसी है, तो बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए तत्काल जांच और आवश्यक मरम्मत कराना जरूरी है।
जांच और कार्रवाई की मांग
आंगनबाड़ी केंद्र छोटे बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक देखभाल की महत्वपूर्ण व्यवस्था हैं। ऐसे में भवनों की जर्जर स्थिति, राशन वितरण और MCP कार्ड से संबंधित समस्याओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अब जरूरत है कि संबंधित विभाग के अधिकारी बरवाडीह प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण करें, गढ़वा ताड़ के भवन निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराएं और पैरा में केंद्र के संचालन की व्यवस्था का जायजा लें। साथ ही राशन, MCP कार्ड और अन्य सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों का समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि बच्चों और लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से मिल सके।


