अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही सच्चा साहस : डॉ. पातंजली केशरी
अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही सच्चा साहस: डॉक्टर पातंजली
धरती आबा बिरसा मुंडा को दी गई श्रद्धांजलि
जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए समर्पित था बिरसा मुंडा का जीवन
गढ़वा । भारतीय जनता पार्टी के नेता और कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बिरसा मुंडा की पुण्यतिथि मनाई । कार्यक्रम में शामिल लोगों ने चिनिया रोड स्थित बिरसा मुंडा पार्क में स्थित अमर वीर स्वतंत्रता सेनानी बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्धा सुमन अर्पित किया ।
उक्त मौके पर भाजपा नेता सह राधा पार्वती एजुकेशनल एंड वेलफेयर ट्रस्ट के निदेशक डॉक्टर पातंजली केशरी ने कहा कि धरती आबा बिरसा मुंडा ने अबुआ दिशोम, अबुआ राज का नारा दिया था । अन्याय के खिलाफ खड़ा होना ही सच्चा साहस है । उनका कहना था कि अपने क्षेत्र में अपना राज होना चाहिए । जल, जंगल और जमीन के लिए उन्होंने अपना जीवन बलिदान कर दिया था । आदिवासी समाज द्वारा उन्हें भगवान का दर्जा दिया जाता है । यह नारा आदिवासी स्वशासन, अपनी जमीन की रक्षा और अंग्रेज की सरकार के खिलाफ उलगुलान अर्थात विद्रोह का प्रतीक था । बिरसा मुंडा ने 19वीं शताब्दी के अंत में तत्काल बंगाल प्रेसीडेंसी वर्तमान में झारखंड के खुंटी, तमाड़, सरवाडा और बंदगांव के मुंडा केंद्रित क्षेत्रों में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई लड़कर ब्रिटिश हुकूमत की मंशा पर पानी फेरने का काम किया था । उनके नेतृत्व में आदिवासी समाज ने अपने हक और सम्मान के लिए एकजुट होकर संघर्ष किया । उनकी चेतना और संघर्ष आज भी हम लोगों को प्रेरित करता है । प्रकृति से उन्हें खास लगाव था । अंधविश्वास और नाशाखोरी से सदा दूर रहने की सीख दी।
स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक रामसरीख चंद्रा ने कहा कि जननायक बिरसा मुंडा का जीवन न्याय, अधिकार और स्वाभिमान के लिए संघर्षरत रहने की प्रेरणा देता है । मातृभूमि की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा का बलिदान सदियों तक अमर रहेगा । ऐसे वीर सपूत की जन्मस्थली उलिहातू गांव की मिट्टी का तिलक करना चाहिए ।
मौके पर मुरली श्याम तिवारी, यशवंत मिश्रा, अंशु कांस्यकार सहित अन्य लोग उपस्थित थे ।

