अदरा के महीना में पानी के एक बूंद के लिए तरस रहे पलामू वासी– रूचिर तिवारी

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अदरा के महीना में पानी के एक बूंद के लिए तरस रहे पलामू वासी– रूचिर तिवारी

पूर्व के रहे मंत्री विधायक सांसद ने किसानों के खेत में पानी पहुंचाने के लिए नहीं उठाया कोई कारगर कदम–भाकपा

भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के जिला सचिव सह डाल्टनगंज चैनपुर भंडरिया के भावी विधायक उम्मीदवार रूचिर कुमार तिवारी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि बरसात का महीना वह भी अदरा का महीना आकाश की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं पलामू के किसान लेकिन बारिश की एक बूंद पलामू को नसीब नहीं। पलामू जिला में बहुत सारे प्रतिष्ठित नेता मंत्री और स्पीकर भी रहे जैसे इंदर सिंह नामधारी,कें एन त्रिपाठी त्रिपाठी, भाजपा के दो बार के बिधायक ,एवं तीन बार के सांसद रहने के बावजूद वैकल्पिक कृषि हेतु नदी- नालों को बांधकर किसानों के खेतों में पानी पहुंचाने की कोशिश कभी नहीं किया। केवल नाम बड़े और दर्शन छोटे का कहावत चरितार्थ होता है जब स्व विदेश सिंह विधायक थे तो पांकी में बराज का काम पूरा हुआ लेकिन नाहर पूरा नहीं हुआ जिसके कारण फाटक नहीं लग पाया वही मलय डैम योजना के तहत बना नहर तो बन गया लेकिन आज तक उसमें पानी नहीं आया प्रधानमंत्री मोदी का दो-दो बार का मंडल डैम का घोषणा अधूरे काम का पूरा करने के लिए काम शुरू नहीं हुआ। दूसरी और निगम क्षेत्र में तो आम नागरिकों को पीने का पानी मिलना भी मुश्किल हो गया। पेयजल योजना के तहत पूर्व मंत्री केंद्र त्रिपाठी ने चियांकी पहाड़ पर टंकी भी बनवाया लेकिन उसका लाभ आम जनता को नहीं मिला बल्कि लाभार्थी केवल ठेकेदार हुए। इस तरह देखा जाए तो पूरे पलामू जिला में किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का एक भी सिंचाई परियोजना पूर्व के किसी सरकार और मंत्री ने पूरा नहीं किया बल्कि बड़े रसूखदारों के द्वारा तालाब नदी नालों का अतिक्रमण भी कर लिया गया लेकिन इन मंत्रियों विधायक को एवं सांसदों को उनके खिलाफ एक्शन तो दूर एक शब्द बोली भी नहीं निकलती है जिसके चलते आज पलामू के किसान भगवान भरोसे पानी पर निर्भर है। वहीं दूसरी सबसे बड़ी समस्या किसानों के समीप नीलगाय की समस्या आज नीलगाय पलामू जिला के सभी गांव में झुंड के झुंड पाए जाते हैं लेकिन इससे निदान अभी तक फॉरेस्ट विभाग के पास और न हीं किसी नेता मंत्री के पास है चुनावी मौसम आ रहा है ऐसे नेताओं से जनता सावधान रहे। और ऐसे नेताओं और उनके बारिशानो से पूछे कि आपने पलामू को पानी देने के लिए क्या किया और क्या करेंगे।

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