अबुआ राज में भी गरीब दुधमुंहे बच्चे को बेचने पर मजबूर: झारखण्ड क्रांति मंच
झारखण्ड क्रांति मंच के संस्थापक अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने आज प्रेस बयान जारी कर कहा है कि जिन सपनों को लेकर 25 वर्ष पहले अलग राज्य का निर्माण हुआ था,उसका लाभ तो कारपोरेट घराने,राजनेता, नौकरशाह, ठेकेदार, कोटेदार तो उठाते रहे, लेकिन गरीब आम आदमी को आज भी नवजात दुधमुंहे बच्चे को बेचकर इलाज कराने को मजबूर होना पड़ रहा है,यह हमारे राज्य की शर्मनाक सच्चाई है,जिसे हेमंत सरकार को स्वीकार करनी चाहिए।
बयान में उन्होंने कहा है कि लेस्लीगंज के लोटवा में आजादी के शर्मनाक अमृतकाल की यह घटना देश के समाजशास्त्रियों,अर्थशास्त्रियों व मानवशास्त्रियों के अलावा गोदी मीडिया के लिए भले ही कौतूहल का विषय ना हो, लेकिन आम आदमी के लिए रत्नगर्भा झारखण्ड के दिखलाए जानेवाले सब्जबाग के 25 वर्षों के इस कालखंड में अपनी असली हैसियत पता करने की दर्दनाक घटना है?
बयान के अंत में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि चाहे सबका साथ,सबका विकास वाले अच्छे दिन की बात हो,अथवा अबुआ दिशुम-अबुआ राज मे़ंं अंतिम व्यक्ति के विकास के लिए बजट का पहाड़ खड़ा करने की बात हो,आम आदमी को यह पता है कि–“यहां तक आते-आते सुख जाती हैं कई नदियां,हमें मालूम है पानी कहां ठहरा हुआ होगा?

