दिवंगत सुदिव्य कुमार सोनू पर टिप्पणी से भड़का झामुमो, भाजपा को दी आंदोलन की चेतावनी
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू पर अमर्यादित टिप्पणी से भड़का झामुमो, भाजपा को दी कड़ी चेतावनी
बोले जेएमएम नेता– दिवंगत नेता का अपमान बर्दाश्त नहीं, भाजपा अपने नेताओं की भाषा पर लगाए लगाम
झारखंड के दिवंगत मंत्री एवं गिरिडीह के पूर्व विधायक सुदिव्य कुमार सोनू पर पूर्व जिला परिषद उपाध्यक्ष सह भाजपा नेता कामेश्वर पासवान द्वारा की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर गिरिडीह की सियासत गरमा गई है। भाजपा नेता के बयान से नाराज झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने बुधवार को प्रेसवार्ता कर कड़ा विरोध जताया और भाजपा को अपने नेताओं की भाषा पर नियंत्रण रखने की नसीहत दी।
प्रेसवार्ता में डिप्टी मेयर सुमित कुमार, जेएमएम महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह, नेता अभय सिंह, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा अंकित सहाय तथा जिला परिषद सदस्य मुनि देवी के प्रतिनिधि मोहन दास समेत कई नेता मौजूद रहे।
इस दौरान डिप्टी मेयर सुमित कुमार और प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा ने कहा कि दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के खिलाफ भाजपा नेता कामेश्वर पासवान ने जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया है, उसकी जितनी निंदा की जाए कम है। उन्होंने भाजपा से इस बयान पर अपना आधिकारिक रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि भाजपा इस बयान का खंडन नहीं करती है तो झामुमो इसे पार्टी का आधिकारिक बयान मानेगा। सुमित कुमार ने यह भी दावा किया कि चुनाव के दौरान यही कामेश्वर पासवान दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के पैर पकड़ते नजर आए थे।
वहीं, महानगर अध्यक्ष रॉकी सिंह ने भाजपा को कड़ी नसीहत देते हुए कहा कि पार्टी को अपने नेताओं पर लगाम लगानी चाहिए। उन्होंने कहा कि दिवंगत नेता के खिलाफ इस तरह की अमर्यादित टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। झामुमो अपने सम्मान और स्वाभिमान की रक्षा के लिए सड़क पर उतरने को तैयार है।
जेएमएम नेता अभय सिंह ने भी भाजपा नेता पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाले नेताओं को अपनी भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। कामेश्वर पासवान द्वारा इस्तेमाल की गई भाषा एक जिम्मेदार राजनीतिक व्यक्ति को शोभा नहीं देती।
इधर, मोहन दास ने भी भाजपा नेता पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अतीत में एक दलित महिला से जुड़े मामले में कामेश्वर पासवान ने दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से मदद की गुहार लगाई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि जिस नेता से कभी मदद मांगी गई, उनके निधन के बाद उनके खिलाफ इस तरह की टिप्पणी करना कहां तक उचित है।
दिवंगत मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू पर की गई टिप्पणी ने गिरिडीह में भाजपा और झामुमो के बीच राजनीतिक तल्खी बढ़ा दी है। अब देखना होगा कि भाजपा इस पूरे मामले पर क्या प्रतिक्रिया देती है और क्या पार्टी अपने नेता के बयान से खुद को अलग करती है।

