मनातू पुलिस पर दमन का आरोप, ASI की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आंदोलन करेगी भाकपा माले
मनातू में पुलिसिया दमन पर रोक लगाओ, आरोपी ASI को गिरफ्तार करो।
दमन के खिलाफ जिलव्यापी आंदोलन करेगी भाकपा माले : रवींद्र भुइयां जिला सचिव
मनातू की पुलिस, पदमा में मार्च में हुए सड़क दुर्घटना में एक 08 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद सड़क पर उतरे सैकड़ों ग्रामीणों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया(मनातू थाना कांड संख्या 14/2026)। उसके बाद से मनातू पुलिस सड़क पर उतरे ग्रामीणों के साथ हिस्ट्रीशीटर अपराधियों की तरह बर्ताव कर रही है। वो ऐसा इसीलिए कर रही है ताकि पुलिसिया सांठगांठ को उजागर करने के लिए कोई ग्रामीण कभी आवाज नहीं उठा पाए। पर हम उन्हें बता देना चाहते हैं कि ग्रामीण डरने वाले नहीं हैं।
मनातू पुलिस बिना महिला पुलिस के, रात के 12 बजे-1 बजे ग्रामीणों के घर में घुस कर महिलाओं के साथ मार पीट कर रही है ।
इसी बाबत जब ग्रामीणों ने ASI कुंदन चौरसिया के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई, तो आज एक महीने से अधिक समय बीत जाने के बाद भी उस पर कार्रवाई करना तो दूर, पुलिस जांच भी करने से मना कर रही है।
क्या ग्रामीण महिलाओं को संविधान से कोई अधिकार नहीं मिले हैं और क्या पुरुष पुलिस को रात में घरों में घर घुस कर महिलाओं से मार पीट करने की कानूनी छूट है?
भाकपा माले पुलिस के गैरकानूनी रवैये की घोर भर्त्सना करती है और मांग करती है कि आरोपी ASI को तुरंत निलंबित कर, उनपर भारतीय न्याय संहिता के तहत उचित धाराओं में कार्रवाई करे, और सड़क जाम के नाम पर दर्जनों ग्रामीणों पर हुए मुकदमे को खारिज करे।
अगर गैरकानूनी ASI के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है तो भाकपा माले इसके खिलाफ व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेवारी जिला प्रशासन की होगी।

