गुमला के भरनो में मोची शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता पर जोर

भरनो के करंज में मोची शिल्पकारों को कौशल विकास का प्रशिक्षण,स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर,विशेष घटक योजना के तहत सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाने पर दिया गया बल।

भरनो (गुमला):- प्रखंड के करंज पंचायत में विशेष घटक योजना के तहत मोची शिल्पकारों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया गया।जिला एवं प्रखंड उद्यमी समन्वयकों के नेतृत्व में आयोजित इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिल्पकारों के कौशल को विकसित करना,उन्हें स्वरोजगार के अवसरों से जोड़ना तथा सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचाना है।प्रशिक्षण के दौरान शिल्पकारों को कौशल विकास के माध्यम से अपनी आजीविका को बेहतर बनाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही,विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने,पात्र लाभुकों की पहचान करने तथा उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।इस दौरान उपस्थित समन्वयकों ने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी जरूरतमंदों तक पहुंच सकता है,जब उन्हें योजनाओं की जानकारी सरल और सुलभ तरीके से उपलब्ध कराई जाए।इसके लिए पंचायत एवं गांव स्तर पर जागरूकता बढ़ाने के साथ पात्र लाभुकों को आवेदन प्रक्रिया की जानकारी देना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र व्यक्ति सरकारी सहायता एवं कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित नहीं रहना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन,उनके प्रचार-प्रसार तथा लाभुकों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई।साथ ही,योजनाओं के संचालन में आने वाली समस्याओं की पहचान कर उनके समाधान के लिए आवश्यक पहल करने पर भी बल दिया गया।समन्वयकों ने कहा कि कौशल विकास प्रशिक्षण के माध्यम से पारंपरिक शिल्पकारों को अपने कार्य में दक्ष बनाकर उनकी आजीविका को मजबूत किया जा सकता है।इससे उन्हें स्वरोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगे।कार्यक्रम में सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए आपसी समन्वय के साथ कार्य करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।मौके पर जिला उद्यमी समन्वयक अघनू उरांव एवं प्रखंड उद्यमी समन्वयक रोहित सारंगी सहित संबंधित कर्मी उपस्थित थे।वहीं मोची शिल्पकारों में मोहन राम,रामलाल राम,जुगल राम,बीनू राम,रमेश राम,सदानंद राम,छोटू राम एवं राजा राम समेत काफी संख्या में लोग मौजूद थे।