गिरिडीह नगर निगम विवाद पर डिप्टी मेयर सुमित कुमार का पलटवार, बोले—नगर निगम को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे
नगर निगम को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने देंगे: डिप्टी मेयर सुमित कुमार
पार्षदों के आरोपों को बताया बेबुनियाद, बोले—जनता की समस्याओं का समाधान हमारी प्राथमिकता
गिरिडीह नगर निगम में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों और निगम प्रशासन के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तीन पार्षदों की ओर से विकास कार्यों में भेदभाव और अधिकारों के हनन का आरोप लगाए जाने के बाद अब नगर निगम के डिप्टी मेयर सुमित कुमार ने पलटवार किया है। उन्होंने सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए स्पष्ट कहा कि नगर निगम को राजनीति का अखाड़ा नहीं बनने दिया जाएगा।
डिप्टी मेयर सुमित कुमार ने कहा कि नगर निगम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर है। एक डिप्टी मेयर के रूप में वे पार्षदों के माध्यम से सामने आने वाली जनसमस्याओं को दूर करने के लिए हमेशा तत्पर हैं। उन्होंने कहा कि पार्षदों के अधिकारों का हनन करने और विकास कार्यों में भेदभाव करने का आरोप पूरी तरह गलत है।
सुमित कुमार ने आरोप लगाने वाले पार्षदों पर निशाना साधते हुए कहा कि संबंधित पार्षद भी डिप्टी मेयर पद के दावेदार थे। ऐसे में उनके द्वारा नगर निगम को राजनीतिक अखाड़ा बनाने की कोशिश की जा रही है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की कोशिशों में वे कभी सफल नहीं होंगे।
उन्होंने दोहराया कि नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर का विकास करना और आम जनता की समस्याओं का समाधान करना है। निगम को राजनीतिक विवादों में उलझाने के बजाय जनहित के मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है।

