मुकुंदपुर में श्री दुर्गा नवचंडी पाठ एवं संगीतमय श्रीराम कथा से भक्तिमय हुआ माहौल

मुकुंदपुर में श्री दुर्गा नवचंडी पाठ एवं संगीतमय श्रीराम कथा से भक्तिमय हुआ माहौल
काशी से पधारे आचार्य सौरभ भारद्वाज ने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का किया वर्णन, रामचरितमानस की चौपाइयों से श्रद्धालु हुए भावविभोर
केतार। प्रखंड के मुकुंदपुर गांव में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर भक्ति और आध्यात्मिकता की बयार बह रही है। गांव में आयोजित श्री दुर्गा नवचंडी पाठ एवं संगीतमय श्रीराम कथा प्रवचन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो गया है। धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा के दौरान भजन-कीर्तन और रामचरितमानस की चौपाइयों से वातावरण पूरी तरह भक्तिरस में डूबा हुआ है। काशी से पधारे आचार्य सौरभ भारद्वाज जी महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का प्रसंग सुनाया। उनके भावपूर्ण प्रवचन को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।
शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का किया वर्णन
प्रवचन के दौरान आचार्य सौरभ भारद्वाज ने श्रीरामचरितमानस की चौपाइयों के माध्यम से भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह प्रसंग का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि श्रद्धा, समर्पण, तपस्या और अटूट विश्वास का प्रतीक है। माता पार्वती ने कठोर तपस्या के माध्यम से भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त किया। यह प्रसंग भक्तों को धैर्य, निष्ठा और ईश्वर के प्रति अटूट आस्था रखने की प्रेरणा देता है।
आचार्य ने कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार और सदाचार के मार्ग पर चलने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि धार्मिक कथाओं का श्रवण करने से मनुष्य को जीवन में सही दिशा मिलती है और उसके भीतर सकारात्मक विचारों का संचार होता है।
कलियुग में भगवान के नाम का स्मरण ही सबसे बड़ा सहारा
कथा के दौरान