लहलहे-लेस्लीगंज सड़क जर्जर, गड्ढों से बढ़ा हादसे का खतरा; ग्रामीणों ने मांगी तत्काल मरम्मत

लहलहे-लेस्लीगंज सड़क जानलेवा बनी, अविलम्ब मरम्मत की मांग*

लहलहे मोड़ से लेस्लीगंज-पांकी मुख्य सड़क इन दिनों जगह-जगह जर्जर हो चुकी है। सड़क की कालीकरण परत दर्जनों स्थानों पर उखड़ गई है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लहलहे, सिंदुरिया, झाबर, गोपालगंज से लेस्लीगंज तक का मार्ग बदतर हालत में पहुंच गया है। इन गांवों के आसपास कई जगह सड़क की ऊपरी परत पूरी तरह उखड़ने से बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर हाइवा, ट्रक समेत अन्य भारी मालवाहक वाहनों का लगातार आवागमन हो रहा है। भारी वाहनों के दबाव के कारण सड़क तेजी से क्षतिग्रस्त हो रही है। ग्रामीणों ने सड़क की वर्तमान स्थिति की विभागीय जांच कराने और क्षतिग्रस्त हिस्सों की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है।

पलामू जिला कांग्रेस के महासचिव एवं इंटक के प्रदेश सचिव विवेका त्रिपाठी ने कहा कि सड़क पर लगातार भारी वाहनों के परिचालन से दबाव बढ़ रहा है। समय रहते मरम्मत नहीं कराई गई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने उपायुक्त पलामू एवं पथ निर्माण विभाग से सड़क की जांच कराकर आवश्यक मरम्मत कार्य अविलम्ब शुरू कराने की मांग की है।

सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार लहलहे मोड़ से लेस्लीगंज-पांकी सड़क के 11.69 किलोमीटर हिस्से के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण की योजना वर्ष 2018-19 में स्वीकृत की गई थी। इस पर 47.78 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई थी। वर्ष 2021-22 में 100 प्रतिशत वित्तीय प्रगति दर्ज की गई है, यानी सरकारी रिकॉर्ड में निर्माण कार्य पूर्ण दिखाया गया है।

ग्रामीणों का आरोप है कि एनएच-39 पर टोल वसूली शुरू होने के बाद वैकल्पिक मार्ग न होने के कारण भारी वाहनों का आवागमन इसी ग्रामीण मार्ग से होने लगा। बस, हाइवा, ट्रक और अन्य मालवाहक वाहनों का लगातार दबाव सड़क की खराब स्थिति का प्रमुख कारण है।

विवेका त्रिपाठी ने कहा कि सरकारी राशि से निर्मित सड़क की देखरेख और आवश्यक मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित विभाग की है। उन्होंने विभाग से सड़क की गुणवत्ता, क्षतिग्रस्त हिस्सों और भारी वाहनों के बढ़ते दबाव की जांच कर जल्द मरम्मत कार्य शुरू करने की मांग दोहराई।

इस मांग में अमित तिवारी, मृत्युंजय तिवारी, विष्णु तिवारी, प्रवीण तिवारी, समाजसेवी सुभाष तिवारी, जिला कांग्रेस सचिव रविंद्र नाथ तिवारी, जितेंद्र चंद्रवंशी, अनूप तिवारी, रिंकू चौधरी, आलमगीर खान, दिनेश पासवान, सतीश तिवारी, सोहराब अंसारी, सोनू कुमार, समाजसेवी छोटू तिवारी, वार्ड सदस्य अविनाश तिवारी तथा जदयू नेता प्रवीण तिवारी आदि शामिल हैं।