गिरिडीह में दुर्लभ बैंडेड करैत का रेस्क्यू, सुरक्षित जंगली क्षेत्र में छोड़ा गया
गिरिडीह के सिहोडीह स्थित आम बागान से एक अत्यंत विषैले और दुर्लभ बैंडेड करैत सांप को रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगली क्षेत्र में छोड़ा गया। स्थानीय प्रतिष्ठित समाजसेवी, शिक्षक एवं सर्पमित्र रॉकी नवल ने बताया कि यह सांप एशिया के सबसे खतरनाक सांपों में गिना जाता है।
रॉकी नवल के अनुसार, बैंडेड करैत को उसके शरीर पर बनी पीली-काली चौड़ी धारियों से पहचाना जाता है। यह सांप मुख्य रूप से अन्य सांपों का शिकार करता है, जिसमें विषैले सांप भी शामिल हैं। साथ ही यह मछली, मेंढक, छिपकली और सांप के अंडे भी खाता है।
आम बागान में सांप देखे जाने की सूचना मिलते ही रॉकी नवल मौके पर पहुंचे। उन्होंने बिना किसी हानि के सांप को सुरक्षित ढंग से पकड़ा और उसे आबादी से दूर जंगली क्षेत्र में छोड़ दिया। सर्पमित्र ने कहा कि इस प्रजाति को देखना दुर्लभ माना जाता है और यह पारिस्थितिकी संतुलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
रॉकी नवल ने क्षेत्रीय लोगों से अपील की है कि किसी भी सांप को देखने पर उसे न छुएं, पत्थर या लाठी से न पीटें। उन्होंने कहा कि सांप अपने आप में आक्रामक नहीं होते, इसलिए सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत प्रशिक्षित सर्प रेस्क्यू टीम को सूचना देनी चाहिए।
नवल ने कहा कि सांपों का निरंतर वध और निवास क्षेत्र का विनाश पर्यावरण के लिए चिंताजनक है। उन्होंने जंगली जीवों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और सांपों को बिना कारण न मा,रने की अपील की।

