JPSC परीक्षा कथित धांधली मामले में CID जांच में सामने आईं कई अहम जानकारियां
JPSC परीक्षा में कथित धांधली की जांच के दौरान CID को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी अभय कुमार तिवारी के रिश्तेदार सौरभ कुमार उर्फ सौरभ पांडेय ने कथित परीक्षा सेटिंग नेटवर्क में एजेंट और संपर्क सूत्र की भूमिका निभाई। आरोप है कि अप्रैल 2026 में हुई परीक्षा में 24 से अधिक अभ्यर्थियों को इस नेटवर्क में फंसाया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि अभ्यर्थियों से संपर्क और लेन-देन के लिए हर महीने 50 हजार रुपये के किराए पर एक मकान लिया गया था। आरोप है कि इसी मकान को कथित तौर पर पूरे नेटवर्क के बेस कैंप के रूप में इस्तेमाल किया जाता था। कुछ अभ्यर्थियों से करीब 1.20 करोड़ रुपये लिए जाने की बात भी जांच में सामने आई है।
आरोप है कि अभ्यर्थियों से खाली चेक, हस्ताक्षर किए हुए स्टांप पेपर और मूल शैक्षणिक प्रमाणपत्र भी लिए गए थे। बाद में कुछ अभ्यर्थियों के मांगने पर प्रमाणपत्र उमेश कुमार के जरिए वापस किए गए। मामले की जांच जारी है और सामने आए आरोपों पर आगे की कानूनी कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी।

