गढ़वा झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम निलंबित, संगठन विरोधी गतिविधियों की जांच के लिए समिति गठित

संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोप में झामुमो के गढ़वा जिलाध्यक्ष शंभू राम निलंबित

पांच सदस्यीय जांच समिति गठित, 10 दिनों के भीतर केंद्रीय कार्यालय को सौंपेगी रिपोर्ट

गढ़वा, 23 सितंबर। झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गढ़वा जिला अध्यक्ष शंभू राम को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पार्टी महासचिव विनोद कुमार पांडेय द्वारा 23 सितंबर 2026 को जारी कार्यालय आदेश में यह कार्रवाई विभिन्न जन-संवाद माध्यमों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म तथा गढ़वा जिले के वरिष्ठ नेताओं से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर किए जाने की बात कही गई है।

आदेश के अनुसार, शंभू राम पर संगठन विरोधी कार्य किए जाने के आरोपों की जांच के लिए पांच सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया है। समिति को निर्देश दिया गया है कि वह पूरे मामले की जांच कर अगले 10 दिनों के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट पार्टी के केंद्रीय कार्यालय को सौंपे।

जांच समिति में झामुमो केंद्रीय समिति के सदस्य तनवीर आलम, मो. ताहिर अंसारी, जवाहर पासवान, राजकिशोर यादव और लल्लू राम को शामिल किया गया है।

केंद्रीय समिति के आदेश में कहा गया है कि प्राप्त सूचनाओं के आधार पर गढ़वा जिला अध्यक्ष शंभू राम को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। साथ ही पांच सदस्यीय समिति को मामले से जुड़े तथ्यों एवं संगठन विरोधी गतिविधियों के आरोपों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने की जिम्मेदारी दी गई है।

पार्टी के इस आदेश के बाद गढ़वा जिले में झामुमो के संगठनात्मक स्तर पर इसे महत्वपूर्ण कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, आदेश में लगाए गए आरोपों पर अंतिम स्थिति जांच समिति की रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी।

ज्ञात हो कि विगत दिनों सोशल मीडिया पर झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम का फोटो और विडियो गढ़वा के वर्तमान विधायक सत्येन्द्र नाथ तिवारी के साथ वायरल हुआ था। उसके बाद श्री राम ने प्रेसवार्ता कर मामले पर सफ़ाई दी थी लेकिन देर रात्रि एक और वीडियो वायरल हुआ है जिसमें यह साफ़ पता चल रहा था की ज़िलाध्यक्ष पार्टी विरोधी बातों पर विधायक के साथ सहमति जाता रहे थे।