बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने मनाई राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

बेरोजगार संघर्ष मोर्चा ने मनाई राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती

पलामू। बेरोजगार संघर्ष मोर्चा की ओर से मंगलवार को कचहरी परिसर में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने की, जबकि संचालन संजय कुमार ने किया। कार्यक्रम की शुरुआत रामधारी सिंह दिनकर के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई।

इस अवसर पर मोर्चा अध्यक्ष उदय राम ने कहा कि रामधारी सिंह दिनकर को वीर रस के महान कवि के रूप में जाना जाता है। उन्होंने बताया कि दिनकर का जन्म 23 सितंबर 1908 को हुआ था। उनकी पहली कविता वर्ष 1924 में छात्र सहोदर पत्रिका में प्रकाशित हुई थी।

उन्होंने कहा कि दिनकर की रचनाओं ने हिंदी साहित्य को नई ऊंचाई दी। रश्मिरथी, कुरुक्षेत्र और परशुराम की प्रतिज्ञा जैसी उनकी प्रसिद्ध रचनाएं आज भी लोगों को प्रेरणा देती हैं। उनकी प्रसिद्ध पंक्तियां “कलम, आज उनकी जय बोल” और “सिंहासन खाली करो कि जनता आती है” जनमानस में काफी लोकप्रिय हैं।

उदय राम ने बताया कि रामधारी सिंह दिनकर वर्ष 1952 में राज्यसभा के सदस्य चुने गए थे। वर्ष 1965 में उन्हें भारत सरकार में हिंदी सलाहकार नियुक्त किया गया। उन्होंने साहित्य के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया और उनकी रचनाओं ने उन्हें राष्ट्रकवि के रूप में प्रतिष्ठित किया।

कार्यक्रम में विक्रम कुमार, रविकांत कुमार, सुधांशु कुमार, करुणा सागर, अमित कुमार, संजय मिस्त्री, जयपाल मोची, अनिल राम, संतोष विश्वकर्मा सहित अन्य लोग मौजूद थे।