रितु कुमारी को न्याय मिले, मामला राजनीति से दूर रहे: विधायक आलोक चौरसिया

रितु कुमारी को न्याय मिले, मामले को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से दूर रखा जाए : विधायक आलोक कुमार चौरसिया
कहा—पीड़ित परिवार को बयानबाजी नहीं, न्याय चाहिए; निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग

पलामू/चैनपुर। कोशियारा की 10 वर्षीय बच्ची रितु कुमारी की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और गंभीर बताते हुए चैनपुर विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहा है और इस कठिन समय में वे परिवार के साथ खड़े हैं।

विधायक ने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की जांच करते हुए दोषियों की पहचान की जाए और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने पीड़ित परिवार के साथ संबंधित पुलिस अधिकारियों एवं जिला पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर मामले में कार्रवाई और न्याय की मांग की है।

‘न्याय का सवाल राजनीति से ऊपर’

आलोक कुमार चौरसिया ने कहा कि रितु को न्याय दिलाने का सवाल किसी दल या व्यक्ति की राजनीति का विषय नहीं होना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के पास मामले से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी या साक्ष्य है, तो उसे जांच एजेंसी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए, ताकि मामले की वास्तविकता सामने आ सके।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के दर्द और संघर्ष को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप में बदलना उचित नहीं है। परिवार को न्याय चाहिए, बयानबाजी नहीं। प्रशासन को उपलब्ध सभी साक्ष्यों की गंभीरता से जांच कर कानून के तहत आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए।

15 सितंबर से कचहरी परिसर में धरना

विधायक ने कहा कि 15 सितंबर 2026 से कचहरी परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन के माध्यम से परिवार एवं समर्थकों द्वारा न्याय की मांग उठाई जा रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से न्याय की मांग करना लोगों का अधिकार है। प्रशासन को उनकी मांगों को गंभीरता से सुनना चाहिए और जांच की प्रगति के संबंध में आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी चाहिए।

निष्पक्ष जांच और कार्रवाई पर जोर

विधायक आलोक कुमार चौरसिया ने कहा कि उनका स्पष्ट मत है कि रितु कुमारी को न्याय मिलना चाहिए और न्याय की इस लड़ाई को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ हैं और निष्पक्ष जांच एवं कानूनसम्मत कार्रवाई के लिए हर लोकतांत्रिक और संवैधानिक मंच पर उनकी आवाज उठाते रहेंगे।