रबदा गांव(नावा बाजार) के डीलर रामाधार राम द्वारा राशन कटौती व उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की जांच कर कड़ी कार्रवाई जरूरी: झारखण्ड क्रांति मंच
रबदा गांव(नावा बाजार) के डीलर रामाधार राम द्वारा राशन कटौती व उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार की जांच कर कड़ी कार्रवाई जरूरी: झारखण्ड क्रांति मंच
झारखण्ड क्रांति मंच के केन्द्रीय अध्यक्ष शत्रुघ्न कुमार शत्रु ने अपने पैतृक गांव रबदा स्थित आवास पर प्रेस बयान जारी कर पलामू जिला आपूर्ति अधिकारी श्री प्रमोद कुमार दास व नावाबाजार प्रखण्ड के प्रभारी प्रखण्ड आपूर्ति पदाधिकारी श्री प्रभाकर देव से रबदा गांव के डीलर रामाधार राम द्वारा रबदा ग्राम पंचायत के वार्ड सदस्य सह रबदा पंचायत निगरानी व अनुश्रवण समिति के सदस्य संतोष राम की पत्नी चिंता देवी व अन्य राशन उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार, राशन की सही मात्रा मांगने पर धमकी व तानाशाही दिखाते हुए डांटकर भगा देने साथ ही प्रत्येक राशन उपभोक्ताओं को प्रति व्यक्ति आधा किलोग्राम से लेकर एक किलोग्राम तक काटकर देने की जांच कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग किया है।
बयान में उन्होंने कहा है कि पिछली बार रबदा पंचायत की जनता ने भ्रष्टतम डीलर रामाधार राम की पत्नी को मुखिया पद पर चुनाव में भारी मतों से मतदान कर उपविजेता बनाने में अहम भूमिका निभाई थी, बावजूद इसके डीलर रामाधार की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हुआ।अब जबकि उसने पुरुषों के साथ महीला उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार शुरू कर दिया है,तो लोगों की शिकायत पर मुझे जांचकर कड़ी कार्रवाई की मांग करनी पड़ रही है।
ज्ञातव्य है कि इस बार जनता के भारी आक्रोश के कारण रामाधार राम के बदले दूसरे डीलर संजय राम का अभी से मुखिया चुनाव लड़ाने का प्रचार शुरू हो गया है, जबकि आम उपभोक्ताओं के आधा केजी राशन कटौती व दुर्व्यवहार में कोई बदलाव नजर नहीं आ रहा है?
बयान में जेकेएम अध्यक्ष ने कहा है कि निश्चित रूप से चुनाव लड़ने का अधिकार डीलरों को है, लेकिन मुखिया चुनाव लड़ने के पहले डीलरों को जनता के हिस्से का आधा केजी से लेकर एक केजी तक राशन हड़पने व उनके साथ दुर्व्यवहार करने से बाज आना चाहिए?
बयान के अंत में उन्होंने कहा है कि रबदा गांव के सम्बंधित डीलरों की जांच कर जिला व प्रखंड के पदाधिकारियों को इन्हें बर्खास्त कर चुनाव लड़ने के लिए आजाद कर देना चाहिए। अगर अधिकारी ऐसा नहीं करते हैं तो ऐसे निकृष्ट व भ्रष्ट डीलरों के लिए आदर्श आचार संहिता का प्रशिक्षण देकर इन्हें पब्लिक फ्रैंडली बनाना चाहिए। निश्चित रूप से डीएसओ पलामू ने बाना ग्राम के पर्ची निकालकर राशन नहीं देनेवाले अमन स्वयं सहायता समूह के दुकान को निलंबित कर अच्छा कदम उठाया है। अफसोस की बात है कि रबदा मुखिया व नावाबाजार प्रमुख की मिलीभगत व भ्रष्टाचार में संलिप्तता के कारण यहां की जनता राइट टू फूड सिक्योरिटी से वंचित होने को विवश हैं,जो निंदनीय है।

