गिरिडीह से पुरी-भुवनेश्वर रवाना हुए B.Ed प्रशिक्षु, पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण में करेंगे ऐतिहासिक स्थलों का दौरा
सुभाष टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के बीएड प्रशिक्षु शैक्षणिक भ्रमण पर रवाना, पुरी-भुवनेश्वर में करेंगे विभिन्न स्थलों का भ्रमण
गिरिडीह। कोलडीहा स्थित सुभाष टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के बीएड प्रशिक्षु शनिवार की सुबह 7 बजे पांच दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए पुरी एवं भुवनेश्वर रवाना हुए। कॉलेज परिसर से प्रशिक्षुओं का दल रवाना हुआ। इस दौरान प्रशिक्षुओं में यात्रा को लेकर खासा उत्साह और उल्लास देखने को मिला।
कॉलेज की ओर से आयोजित इस शैक्षणिक भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को पुस्तकीय ज्ञान के साथ ऐतिहासिक, धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव कराना है।
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 13 और 14 सितंबर को प्रशिक्षु पुरी के श्री जगन्नाथ मंदिर, समुद्र तट, कोणार्क सूर्य मंदिर एवं चिल्का झील का भ्रमण करेंगे। चिल्का झील में बोटिंग की भी व्यवस्था की गई है।
वहीं 15 सितंबर को भुवनेश्वर में धौलीगिरि शांति स्तूप, लिंगराज मंदिर, खंडगिरि-उदयगिरि की गुफाएं तथा नंदनकानन जूलॉजिकल पार्क एवं बॉटनिकल गार्डन का भ्रमण किया जाएगा।
शैक्षणिक भ्रमण दल में प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार, एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. संजीव सिंह, प्रो. सोमा सूत्रधार एवं परीक्षा नियंत्रक सह टूर इंचार्ज प्रो. राजकिशोर प्रसाद शामिल हैं। यात्रा के आयोजन में टूर गाइड संतोष राजक की भी भूमिका है।
प्रशिक्षुओं में दीपेन्द्र कुमार, राहुल कुमार, ललन,चंदन, वैशाली सिन्हा, अंजलि कुमारी, अनिल समेत अन्य बीएड प्रशिक्षु शामिल हैं।
महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने कहा कि शैक्षणिक भ्रमण प्रशिक्षुओं के लिए सीखने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कक्षा में प्राप्त ज्ञान को वास्तविक परिवेश से जोड़ने में इस तरह के भ्रमण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।
उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान प्रशिक्षुओं को विभिन्न ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक स्थलों को करीब से जानने और समझने का अवसर मिलेगा। साथ ही यात्रा के दौरान अनुशासन एवं सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इधर, रवाना होने के दौरान प्रशिक्षुओं में यात्रा को लेकर काफी खुशी और उत्साह नजर आया। सहपाठियों के साथ इस भ्रमण को लेकर प्रशिक्षु काफी उत्साहित दिखे। प्रशिक्षुओं का कहना है कि पुरी और भुवनेश्वर के प्रमुख स्थलों का प्रत्यक्ष अनुभव उनके लिए ज्ञानवर्धक होने के साथ-साथ यादगार भी रहेगा।
यात्रा कार्यक्रम के अनुसार 15 सितंबर को भुवनेश्वर के विभिन्न दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करने के बाद प्रशिक्षुओं का दल वापसी के लिए रवाना होगा। 16 सितंबर को बोकारो पहुंचने के बाद बस के माध्यम से गिरिडीह लौटेगा।

