चंदन साव हत्याकांड पर आसपा नेता नागमणि रजक का 24 घंटे का अल्टीमेटम, कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट करने की मांग

चंदन साव हत्याकांड पर आसपा नेता नागमणि रजक का 24 घंटे का अल्टीमेटम, बोले—कानूनी प्रक्रिया स्पष्ट करे प्रशासन

मेदिनीनगर, 11 सितंबर 2026। पलामू जिले के तरहसी थाना क्षेत्र के भालोगाड़ी निवासी चंदन साव की मृत्यु के मामले में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) ने न्याय की मांग तेज कर दी है। पार्टी के प्रदेश संगठन सचिव नागमणि रजक ने निष्पक्ष जांच, कानूनी प्रक्रिया में पारदर्शिता और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।

नागमणि रजक ने कहा कि 5 सितंबर 2026 को चंदन साव की मृत्यु हुई थी। उनका शव कुएं से बरामद हुआ तथा शरीर पर चोट के निशान होने की बात सामने आई है। घटना के दिन चंदन साव के साथ मारपीट किए जाने की शिकायत भी बताई जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच से ही मृत्यु की वास्तविक परिस्थितियां सामने आ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा घटना के दिन ही आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है, लेकिन उनकी न्यायालय में पेशी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। यदि 24 घंटे से अधिक पुलिस हिरासत जारी रही है, तो इसकी कानूनी प्रक्रिया और संबंधित मजिस्ट्रेट के आदेश को स्पष्ट किया जाना चाहिए।

नागमणि रजक ने संविधान के अनुच्छेद 22(2) तथा BNSS की संबंधित धाराओं का हवाला देते हुए पूछा कि गिरफ्तार व्यक्तियों को निर्धारित समय के भीतर न्यायालय के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया का पालन किया गया है या नहीं। उन्होंने सवाल किया, “पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने तक आरोपियों को थाना में रखने का कौन-सा कानूनी प्रावधान है? यदि मजिस्ट्रेट का आदेश लिया गया है तो उसकी जानकारी सार्वजनिक की जाए।”

हालांकि उन्होंने कहा कि उन्हें कानून और प्रशासन पर पूरा भरोसा है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उन्होंने तरहसी थाना प्रभारी राजेश रंजन से बातचीत भी की है और उम्मीद जताई कि पुलिस निष्पक्ष जांच करेगी।

नागमणि रजक ने पलामू प्रशासन से मांग की कि अगले 24 घंटे में गिरफ्तार आरोपियों के संबंध में कानून के अनुसार न्यायिक हिरासत की प्रक्रिया पूरी की जाए। उन्होंने कहा कि आजाद समाज पार्टी कानून और संविधान के दायरे में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उचित कार्रवाई और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई, तो आजाद समाज पार्टी एवं भीम आर्मी पीड़ित परिवार के साथ लोकतांत्रिक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।

“कानून और प्रशासन पर भरोसा है, लेकिन चंदन साव को न्याय मिलना चाहिए।”