पुलिस अभिरक्षा से मुखिया फरार, गिरिडीह कोर्ट परिसर में पुलिस को चकमा देकर बोलेरो से भागा

पुलिस अभिरक्षा से मुखिया फरार, गिरिडीह कोर्ट परिसर में चकमा देकर बोलेरो से भागा,मचा हड़कंप

गिरीडीह: नगर थाना क्षेत्र स्थित कचहरी परिसर से पुलिस महकमे को चुनौती देने वाली एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है. महिला को निर्वस्त्र करने, घर में घुसकर मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोपों में गिरफ्तार पंचायत मुखिया पुलिस टीम को चकमा देकर फरार हो गया. आरोपी ने साथ चल रहे पुलिस पदाधिकारी को धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और पहले से घात लगाए खड़ी बोलेरो में सवार होकर रफूचक्कर हो गया. मामले की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर छापेमारी शुरू कर दी गई है. पुलिस ने फरारी में इस्तेमाल की गई बोलेरो को जब्त कर लिया है, हालांकि आरोपी अभी भी पकड़ से बाहर है.

क्या है पूरा मामला ❓:
फरार आरोपी की पहचान स्थानीय पंचायत मुखिया विनोद साव के रूप में हुई है. जमुआ थाना अंतर्गत नवडीहा ओपी में आरोपी के खिलाफ कांड संख्या 218/26 दर्ज है. उस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी. पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए विनोद साव को ताराटांड़ क्षेत्र से गिरफ्तार किया था.

अस्पताल से कोर्ट ले जाते समय घटी घटना
गिरफ्तारी के बाद गुरुवार शाम पुलिस आरोपी को गिरिडीह लेकर पहुंची. नियमानुसार कोर्ट में पेशी से पूर्व उसे मेडिकल जांच के लिए सदर अस्पताल ले जाया गया. अनुसंधानकर्ता रामकिशोर पाल आरोपी को सदर अस्पताल ले गए, जबकि ओपी प्रभारी अन्य कानूनी प्रक्रिया के लिए कोर्ट परिसर में मौजूद थे. सदर अस्पताल में मेडिकल जांच के बाद पुलिस पदाधिकारी आरोपी को न्यायाधीश के समक्ष पेश करने के लिए कचहरी परिसर लेकर पहुंचे. इसी दौरान आरोपी विनोद साव ने अचानक साथ चल रहे पुलिस पदाधिकारी को जोरदार धक्का दे दिया.

पहले से तैयार थी गाड़ी, लेकर हुआ फरार:
धक्का लगते ही पुलिसकर्मी जमीन पर गिर पड़े. मौके का फायदा उठाकर आरोपी परिसर में पहले से स्टार्ट खड़ी एक बोलेरो में बैठा और तेज रफ्तार में फरार हो गया. घटना के बाद सामने आई शुरुआती जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि आरोपी को भगाने की योजना पहले से तैयार की गई थी. घटना के तुरंत बाद अनुसंधानकर्ता रामकिशोर पाल ने नवडीहा ओपी प्रभारी और जमुआ इंस्पेक्टर प्रदीप दास को सूचित किया. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार और खोरीमहुआ एसडीपीओ को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया गया.एसपी डॉ. बिमल कुमार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी की त्वरित गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है. जमुआ और आसपास के संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है.