टूटी नहर की मरम्मत से 105 गांवों के किसानों को मिली सिंचाई की राहत

टूटी नहर की मरम्मत से 105 गांवों के किसानों को मिली सिंचाई की राहत

सतबरवा (पलामू)। मलय डैम परिसर में गुरुवार को सामाजिक कार्यकर्ता आशीष सिन्हा के नेतृत्व में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मलय डैम के चैन संख्या 18, सतबहिनी के पास क्षतिग्रस्त नहर की मरम्मत में सक्रिय भूमिका निभाने वाले विभागीय कर्मियों, मजदूरों और सहयोग करने वाले लोगों को सम्मानित किया गया। नहर क्षतिग्रस्त होने से सतबरवा, मेदिनीनगर सदर और लेस्लीगंज प्रखंड क्षेत्र के 105 गांवों के किसानों के सामने सिंचाई की समस्या उत्पन्न हो गई थी। किसानों ने समस्या के समाधान के लिए 16 जुलाई 2026 को महापंचायत आयोजित की थी।

किसानों की सक्रियता के बाद पांकी विधायक कुशवाहा डॉ. शशिभूषण मेहता और पलामू डीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने क्षतिग्रस्त नहर का निरीक्षण कर विभागीय अधिकारियों को तत्काल मरम्मत का निर्देश दिया था। विभागीय इंजीनियरों, कर्मियों, किसानों और जनप्रतिनिधियों की सक्रियता से नहर की मरम्मत समय पर पूरी हुई, जिसके बाद खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंच सका। आशीष सिन्हा ने डीसी, विधायक और विभागीय पदाधिकारियों व कर्मियों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि किसान हमारे अन्नदाता हैं और उनकी समस्याओं का समाधान करना सभी का दायित्व है।

सम्मान समारोह में नहर मरम्मत कार्य में योगदान देने वाले नंदू प्रजापति, राजू सिंह, नरेंद्र सिंह, गुरु दयाल सिंह, विश्वकर्मा सिंह, बुद्धेश्वर राम, झुमक सिंह, सत्येंद्र यादव, दीपक यादव और संजय यादव समेत अन्य लोगों को सम्मानित किया गया। इस दौरान मीडिया प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया।