16वें वित्त आयोग की टाइड ग्रांट से पेयजल व स्वच्छता योजनाओं को मिलेगी प्राथमिकता

16वें वित्त आयोग की टाइड ग्रांट से पेयजल व स्वच्छता योजनाओं को मिलेगी प्राथमिकता

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को समाहरणालय सभागार में 16वें वित्त आयोग की आबद्ध निधि यानी टाइड ग्रांट के तहत पेयजल एवं स्वच्छता योजनाओं के चयन, प्राथमिकता निर्धारण और क्रियान्वयन को लेकर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य, मुखिया, पंचायत सचिव सहित संबंधित विभागों के पदाधिकारी और कर्मी शामिल हुए। कार्यशाला में ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार करते समय टाइड ग्रांट से पेयजल और स्वच्छता से जुड़ी योजनाओं को नियमानुसार शामिल करने तथा समय पर ई-ग्रामस्वराज पोर्टल पर प्रविष्टि सुनिश्चित करने की जानकारी दी गई।

उपायुक्त ने पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के आधार पर योजनाओं का चयन करने के साथ मास्टर एक्टिविटी लिस्ट और निर्धारित वित्तीय प्रावधानों का पालन करने का निर्देश दिया। उन्होंने पेयजल आपूर्ति की निरंतरता, जल स्रोतों की स्थिरता, जल गुणवत्ता और सेवा वितरण में सुधार को प्राथमिकता देने की बात कही। कार्यशाला में ओवरहेड टैंक की सफाई व मरम्मत, पंप-मोटर और पाइपलाइन की छोटी मरम्मत, क्लोरीनेशन डोजर, जल गुणवत्ता जांच किट समेत विभिन्न कार्यों को योजनाओं में शामिल करने की जानकारी दी गई। वहीं, विद्यालयों, आंगनबाड़ी केंद्रों, स्वास्थ्य केंद्रों, सार्वजनिक संस्थानों और हाट-बाजारों में पेयजल व हाथ धोने की सुविधा विकसित करने पर भी जोर दिया गया।

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