हाथियों के उत्पात से प्रभावित 10 किसानों को मिला मुआवजा

हाथियों के उत्पात से प्रभावित 10 किसानों को मिला मुआवजा

भरनो (गुमला)। गुमला वन क्षेत्र के अंतर्गत भरनो प्रखंड के विभिन्न गांवों में हाथियों के उत्पात से प्रभावित किसानों को बुधवार को वन विभाग की ओर से राहत दी गई। हाथियों द्वारा घर और फसलों को पहुंचाए गए नुकसान के एवज में 10 प्रभावित किसानों के बीच मुआवजा राशि के चेक वितरित किए गए।

गुमला वन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में प्रभारी वनपाल राकेश कुमार मिश्रा एवं वनरक्षी अकील अहमद ने लाभुक किसानों को क्षतिपूर्ति राशि के चेक सौंपे। लंबे समय से मुआवजे की प्रतीक्षा कर रहे किसानों को जब राशि मिली तो उनके चेहरे पर खुशी और राहत नजर आई।

किसानों ने मुआवजा मिलने पर वन विभाग के प्रति आभार जताया। साथ ही उन्होंने हाथियों के लगातार गांवों में प्रवेश से होने वाले नुकसान को रोकने के लिए सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की।

नुकसान का लगातार किया जा रहा आकलन

प्रभारी वनपाल राकेश कुमार मिश्रा ने बताया कि हाथियों द्वारा ग्रामीणों के घरों और किसानों की फसलों को पहुंचाए गए नुकसान का वन विभाग लगातार आकलन कर रहा है। उन्होंने कहा कि मुआवजा वितरण में कुछ विलंब हुआ है, लेकिन निर्धारित प्रक्रिया के तहत पात्र पीड़ितों को क्षतिपूर्ति राशि उपलब्ध कराई जा रही है।

उन्होंने बताया कि जिन प्रभावित किसानों को अभी तक मुआवजा नहीं मिल पाया है, उनके मामलों में विभागीय प्रक्रिया जारी है। आवश्यक प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र लाभुकों को भी जल्द मुआवजा देने का प्रयास किया जा रहा है।

वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि हाथियों के गांव में प्रवेश करने या आसपास उनकी मौजूदगी की सूचना मिलने पर सावधानी बरतें और तत्काल वन विभाग को इसकी जानकारी दें। ग्रामीणों को हाथियों को उकसाने और उनके नजदीक जाने से भी बचने की सलाह दी गई।

मुआवजा मिलने से मिली आर्थिक राहत

हाथियों के उत्पात से फसल और घरों को नुकसान पहुंचने के बाद आर्थिक संकट झेल रहे किसानों के लिए मुआवजा राशि राहत लेकर आई है। लाभुक किसानों ने कहा कि नुकसान के बाद वे लंबे समय से मुआवजे का इंतजार कर रहे थे। राशि मिलने से उन्हें आर्थिक सहारा मिला है।

मौके पर वनरक्षी अकील अहमद के अलावा जगजीवन सिंह, नंदकिशोर सिंह, सुभाष उरांव, रमजान अंसारी, महाननिया उरांइन, मुस्लिम अंसारी, पुष्मनी मुंडा, खोईरा उरांव, बंदे उरांव, सुरेश ठाकुर, रुचि उरांइन सहित अन्य लाभुक किसान मौजूद रहे।

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