JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच में CID को मिला अहम सुराग
JPSC नियुक्ति घोटाले की जांच में CID को मिला अहम सुराग
यूपी के परीक्षा घोटालों से जुड़े मो. उस्मान को मुख्य सूत्रधार मानकर जांच, गिरिडीह से समीर कुमार गिरफ्तार
रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की नियुक्ति प्रक्रिया में कथित गड़बड़ी और JSSC-CGL से जुड़े मामले की जांच में CID को अहम सुराग मिलने का दावा किया गया है। जांच एजेंसी के अनुसार, उत्तर प्रदेश के कुछ परीक्षा घोटालों में कथित रूप से शामिल मो. उस्मान को JPSC में हुई गड़बड़ियों का मुख्य सूत्रधार माना जा रहा है।
जांच के मुताबिक, उस्मान और उसके सहयोगियों पर अभ्यर्थियों की OMR शीट की PDF में कथित छेड़छाड़ कर मूल डेटा में बदलाव करने का आरोप है। अब CID यह पता लगाने में जुटी है कि कथित गड़बड़ी केवल OMR शीट तक सीमित थी या इसका असर मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं तक भी पहुंचा था।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में अहम जानकारी
मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के दौरान TDPL के निदेशक रामवीर सिंह को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आने की बात कही जा रही है। CID इन आरोपों की जांच कर रही है और संबंधित तथ्यों एवं दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है।
इसी क्रम में CID ने गिरिडीह से समीर कुमार को भी गिरफ्तार किया है। एजेंसी उससे पूछताछ कर मामले में उसकी कथित भूमिका और अन्य आरोपियों से उसके संबंधों की जानकारी जुटा रही है।
कई कंपनियों की भूमिका की जांच
जांच का दायरा अब परीक्षा प्रक्रिया से जुड़ी विभिन्न एजेंसियों और कंपनियों तक पहुंच गया है। CID वेबेल, INS और अन्य संबंधित कंपनियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि परीक्षा प्रक्रिया में इस्तेमाल तकनीकी व्यवस्था और डेटा तक किस स्तर पर पहुंच थी तथा कथित गड़बड़ी किस तरह अंजाम दी गई।
CID अधिकारियों के अनुसार, जांच आगे बढ़ने के साथ मामले में कथित साजिश और तकनीकी स्तर पर हुई गड़बड़ियों से जुड़े अन्य तथ्य भी सामने आ सकते हैं।

