खनन बिल पर कांग्रेस का हल्लाबोल, भारी बारिश में भी डटे कार्यकर्ता—मणिशंकर ने केंद्र पर बोला हमला

केंद्र सरकार के नए खनन बिल MMDR Bill के विरोध और झारखंड के खनिज संसाधनों पर राज्य के अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी ने गुरुवार को टावर चौक पर एक दिवसीय महाधरना दिया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया की अध्यक्षता में आयोजित इस धरना कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता, महिलाएं और युवा शामिल हुए। खास बात यह रही कि भारी बारिश के बावजूद कार्यकर्ता धरना स्थल पर डटे रहे।
धरना स्थल पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सह कोडरमा लोकसभा प्रभारी मणिशंकर ने केंद्र सरकार और भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा में 12 अगस्त और राज्यसभा में 13 अगस्त को महज कुछ मिनटों में बिना सार्थक चर्चा के खनन बिल पारित कराया गया। उन्होंने इसे संविधान के संघीय ढांचे और राज्यों के अधिकारों पर हमला करार दिया।
मणिशंकर ने कहा कि खनिज संसाधनों से मिलने वाला राजस्व झारखंड की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण रीढ़ है। उनके मुताबिक, राज्य सरकार के टैक्स और सेस लगाने के अधिकार को प्रभावित करने वाला कोई भी कदम झारखंड के हितों के खिलाफ है। उन्होंने पूरे मामले की जांच उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश या संसदीय समिति से कराने की मांग की।
उन्होंने भाजपा पर आस्था और धर्म के नाम पर राजनीति करने का आरोप लगाते हुए राम मंदिर चंदे को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए और मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की।
वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेटर सह गिरिडीह जिला प्रभारी सुरेंद्र सिंह ने भी केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष सतीश केडिया ने कहा कि झारखंड के हितों की रक्षा के लिए कांग्रेस की लड़ाई सड़क से लेकर सदन और न्यायालय तक जारी रहेगी। उन्होंने घोषणा की कि 7 तारीख को प्रदेश स्तर पर राजभवन का घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जिस तरह कृषि कानूनों के खिलाफ लंबे आंदोलन के बाद केंद्र सरकार को कानून वापस लेना पड़ा, उसी तरह जब तक इस खनन बिल को वापस नहीं लिया जाता, कांग्रेस का आंदोलन जारी रहेगा।
महाधरना में अजय सिन्हा, मंटू, पूर्व जिला अध्यक्ष धनंजय सिंह, संतोष राय, राजेश तूरी,निजाम अंसारी, मनोज राय, मोतीलाल शास्त्री, मोहम्मद निजामुद्दीन, मोहम्मद सोहेल, बिलाल अहमद हुसैनी, मोहम्मद अली खान, सरफराज अंसारी, अहमद राजा नूरी, जुनेद आलम, मोहम्मद मनीर अंसारी, कपिल देव राय, बिमल राय, साबिर खान, प्रोफेसर मंजूर अंसारी, मोहम्मद नेशाब, दुर्गा शर्मा, रोशिनता हेंब्रम, इतवारी वर्मा, मेराज अख्तर, नागेश्वर मंडल, शाहनवाज आलम, अभिनंदन सिंह, रघुनंदन सिंह, सहदेव टूरी, सुदामा राम, सुंदर मुर्मू, सरफराज अहमद, शाहिद गुल, मोहम्मद आसिफ अली, अल्ताफ, तौसीफ, सरताज खान, मोहम्मद अरमान, साहिल, अफसर और सदाकत खान समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
भारी बारिश के बीच कांग्रेस का यह महाधरना केंद्र के खनन बिल के खिलाफ पार्टी के आंदोलन को और तेज करने का संदेश देता नजर आया।

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