गंगा-जमुनी तहजीब ही हमारी ताकत है”जश्ने मिलाद पर बोले समाजसेवी रफीक अंसारी

गंगा-जमुनी तहजीब ही हमारी ताकत है”जश्ने मिलाद पर बोले समाजसेवी रफीक अंसारी

पांकी
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के यौम-ए-पैदाइश (जन्मदिन) के मुबारक मौके पर पांकी प्रखंड के माड़न पंचायत में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस बेहद अकीदत, शान-ओ-शौकत और भाईचारे के माहौल में निकाला गया। इस रूहानी और भव्य आयोजन में हजारों की संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, जिससे पूरा इलाका दुरूद-ओ-सलाम और नारे-तकदीर की सदाओं से गूंज उठा।
जुलूस की शुरुआत ताअमीरे मीनार जामा मस्जिद, हुसैनी मस्जिद और केरकी फैजुल उलूम के नेतृत्व में की गई। क्षेत्र के तमाम अवाम ने पारंपरिक तरीके से सलातो-सलाम का नज़राना पेश कर जुलूस का विधिवत आगाज़ किया। जुलूस अपने मार्ग—जामा मस्जिद से होते हुए मुख्य बाजार तक गया इस दौरान पूरे रास्ते में अनुशासन और उत्साह का अद्भुत नजारा देखने को मिला।
धर्म और इंसानियत के प्रति मुखिया पति का संदेश
मौके पर पहुंचे मुखिया पति रफीक अंसारी ने जुलूस में शिरकत कर न केवल इसकी अगुवाई की, बल्कि धर्म, समाज और आपसी सौहार्द को लेकर एक प्रेरणादायक संदेश भी दिया।
अवाम को संबोधित करते हुए मुखिया रफीक अंसारी ने कहा:
“पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की जिंदगी अमन, चैन, मोहब्बत और इंसानियत का पैगाम देती है। मजहब हमें आपस में जोड़़ना सिखाता है, न कि तोड़़ना। आज के इस मुबारक दिन पर हम सबका यह फर्ज बनता है कि हम अपने क्षेत्र में आपसी भाईचारे, शांति और सामाजिक सौहार्द को और अधिक मजबूत करें। पांकी की गंगा-जमुनी तहजीब हमारी असली पहचान है, और हमें मिलकर इसे हमेशा कायम रखना है