मूसलाधार बारिश ने बरपाया कहर, मिट्टी की दीवार में दबने से आदिम जनजाति के व्यक्ति की मौत
मूसलाधार बारिश ने बरपाया कहर, मिट्टी की दीवार में दबने से आदिम जनजाति के व्यक्ति की मौत
धुरकी थाना क्षेत्र अंतर्गत खाला गांव में मूसलाधार बारिश ने एक परिवार पर कहर बरपा दिया। लगातार हो रही बारिश के कारण खपरैल एवं मिट्टी से बने घर की दीवार अचानक गिर गई। हादसे में मिट्टी की दीवार के नीचे दबकर 55 वर्षीय रामखेलावन परहिया उर्फ रूपई परहिया की दर्दनाक मौत हो गई। घटना मंगलवार की सुबह की है। मृतक आदिम जनजाति समुदाय से थे। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसर गया, जबकि परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। जानकारी के अनुसार, खाला गांव निवासी रामखेलावन परहिया अपने मिट्टी के खपरैल के घर में उसकी पत्नी खाना बना रही थी तथा वह बैठा था, तभी अचानक मिट्टी का घर भर भरा कर गिर गया जब तक कुछ समझ पाते तबतक मिट्टी में दब चुका था काफी शोर गुल के बाद किसी तरह परिजनों अस्पताल ले जाने लगे तभी रास्ते में ही मौत हो गई
। बताते चलें कि क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। बारिश के कारण मिट्टी की दीवार पूरी तरह कमजोर हो गई थी। इसी दौरान अचानक घर की दीवार भरभराकर गिर पड़ी और रामखेलावन परहिया उसके नीचे दब गए। हादसे के बाद परिजनों और आसपास के ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई।
घटना की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद मलबे को हटाकर रामखेलावन परहिया को बाहर निकाला। परिजनों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए आनन-फानन में इलाज के लिए सदर अस्पताल गढ़वा ले जाने की व्यवस्था की। मृतक रामखेलावन परिया के तीन पुत्र हैं जो बाहर में मजदूरी के लिए पलायन कर गए हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के परिजनों को तत्काल आपदा राहत के तहत आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने तथा परिवार को सुरक्षित आवास मुहैया कराने की मांग की है। इधर, घटना के बाद ग्रामीणों में बारिश को लेकर दहशत का माहौल है। लोगों ने प्रशासन से प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद देने की अपील की है। रामखेलावन परहिया की असामयिक मौत से गांव में शोक की लहर है।
इधर अंचल अधिकारी विमल कुमार सिंह ने कहा कि यह घटना काफी मार्मिक है मैं परिजनों के दुख के साथ खड़ा हूं, सरकारी प्रावधान के तहत परिजनों को हर संभव मदद दिलाई जाएगी।


