बिजली तार की चपेट में आने से किसान की मौत, भाजपा ने विभाग पर लापरवाही का लगाया आरोप
प्रेस विज्ञप्ति
बिजली विभाग की लापरवाही ने फिर एक किसान की ले ली जान
कांडी प्रखंड अंतर्गत बलियारी टोला बुनियाद बिगहा की रामसुंदर मेहता का पुत्र 45 वर्षीय उपेंद्र मेहता का बिजली की तार से सटकर मृत्यु हो गई ग्रामीणों के अनुसार उपेंद्र मेहता बुधवार को उल्टा बेला खेत में सिंचाई करने गया था लेकिन मोटर चालू करने के पहले ही बिजली का तार उनपर टूट कर गिर गया खेत में काम कर रहे अगल बगल के किसान घटना स्थल पर पहुंच कर तार को हटाया गया आनन फानन में परिजनों ने मँझियाओ हॉस्पिटल में भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया पोस्टमस्त् के बाद सोन नदी में दाह संस्कार किया गया खबर सुनकर हजारों लोगो की भीड़ लग गई परिजनों रो रो कर बुरा हाल है इस दुख की घड़ी में भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामलाला दुबे भाजपा नेता पूर्व मुखिया बिनोद प्रसाद जिला परिषद प्रतिनिधि दिनेश राम प्रमुख पिंकू पांडे सीताराम तिवारी पूर्व मुखिया कृष्णा मेहता सरजग राज मेहता जगदीश मेहता सीताराम मेहता महेंद्र मेहता पवन मेहता शिव मेहता आदि सैकड़ों लोगों ने उनके घर पहुंच कर परिजनों को ढाढस बंधाया
भाजपा किसान मोर्चा प्रदेश कार्य समिति सदस्य रामलाला दुबे ने इस अकस्मात मौत पर अपनी भावुक प्रतिक्रिया में कहा कि झारखंड सरकार और बिजली विभाग की लचर व्यवस्था ने फिर एक गरीब किसान उपेंद्र मेहता की जान ले ली इसके पहले भी बिजली विभाग कि लाप्रवाही से कई किसान की जान चली गई है इससे भी बजली विभाग नहीं सतर्क हुई झारखंड सरकार और बिजली विभाग किसानों के काल बनी हुई है यहां के किसानों ने सिंचाई के लिए लगभग 200 किसान सिंचाई मोटर के लिए एग्रीमेंट कराया है लेकिन विभाग द्वारा खेतों में मोटर तक तार पोल और ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया किसानों से मोटी रकम लेकर ट्रांसफार्मर विभाग द्वारा बेचा जा रहा है मोटी रकम लेकर मोटर एग्रीमेंट किया जा रहा है अनाप शनाप बिल भी लिया जा रहा है लेकिन किसानों को झारखंड सरकार बिजली विभाग से सुविधा के बजाय दोहन किया जा रहा है
जिला के उपयुक्त महोदय से आग्रह है कि मृतक उपेंद्र मेहता एक गरीब किसान थे अपने खेत में मेहनत मजदूरी करके बच्चे और परिवार के पेट पालते थे घर में दूसरा कमाऊ सदस्य नहीं है इसलिए तत्काल आपदा विभाग से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए
मृतक के आश्रित को मुआवजा चार लाख रुपए दिया जाय मृतक के पुत्र को परिवार के भरण पोषण के लिए रोजगार दिया जाय भविष्य में अनहोनी से बचने के लिए किसान के खेतों तक तार पोल और ट्रांसफार्मर लगाए जाए सभी जर्जर तार पोल को मरमत कराए जाय जिले को सुखाड़ घोषित कर सुखाड़ राहत कार्य चलाई जाए बिजली विभाग विभाग उपरोक्त समस्या दूर नहीं करती है तो किसानों के साथसड़क पर आंदोलन किया जाएगा जिसकी सारी जिम्मेवारी बिजली विभाग की होगी
नोट इतना बड़ा दर्दनाक हादसा के बाद भी बिजली विभाग का कोई कर्मचारी जानकारी लेने या सहानुभूति देने घटना स्थल पर नहीं पहुंचे यह बहुत ही दुखद है



