शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए हर माह हो शिक्षक महापंचायत : झारोटेफ
शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक माह तृतीय शनिवार को हो शिक्षक महापंचायत : झारोटेफ
मेदिनीनगर, पलामू | 18 अगस्त 2026
झारखण्ड ऑफिसर्स, टीचर्स एंड एम्प्लॉइज फेडरेशन (झारोटेफ), पलामू के जिला अध्यक्ष मनोज मेहता ने राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव एवं निदेशक तथा उपायुक्त, पलामू से जिले के सभी संवर्ग के शिक्षकों की समस्याओं के त्वरित एवं निष्पक्ष समाधान के लिए प्रत्येक माह के तृतीय शनिवार को नियमित रूप से शिक्षक महापंचायत आयोजित कराने की मांग की है।
इस संबंध में झारोटेफ पलामू की ओर से संबंधित पदाधिकारियों को पत्र भेजकर कहा गया है कि शिक्षक विद्यालयों में पठन-पाठन के साथ-साथ विभिन्न विभागीय दायित्वों का निर्वहन करते हैं। इसके बावजूद अपनी सेवा संबंधी अथवा अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उन्हें बार-बार विभिन्न कार्यालयों का चक्कर लगाना पड़ता है। इससे शिक्षकों का बहुमूल्य समय नष्ट होने के साथ-साथ उन्हें आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
झारोटेफ जिला अध्यक्ष ने कहा कि शिक्षक महापंचायत के माध्यम से जिले के सभी संवर्ग के शिक्षक अपनी व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं तथा विभागीय कठिनाइयों को सीधे वरीय पदाधिकारियों के समक्ष रख सकेंगे। संबंधित विभागीय पदाधिकारी एवं आवश्यकतानुसार वरीय प्रशासनिक अधिकारी की उपस्थिति में समस्याओं का ऑन-द-स्पॉट समाधान करने का प्रयास किया जाएगा तथा जिन मामलों का तत्काल समाधान संभव नहीं होगा, उनके लिए स्पष्ट समय-सीमा निर्धारित कर कार्रवाई की समीक्षा सुनिश्चित की जाएगी।
झारोटेफ की प्रमुख मांगें
- प्रत्येक माह तृतीय शनिवार को नियमित रूप से शिक्षक महापंचायत का आयोजन किया जाए।
- शिक्षकों की व्यक्तिगत एवं सामूहिक समस्याओं का समयबद्ध एवं निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित किया जाए।
- शिक्षा विभाग के कार्यालयों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाए।
- भ्रष्टाचार, बिचौलियापन एवं अनावश्यक हस्तक्षेप जैसी प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगाई जाए।
- शिक्षकों को किसी भी प्रकार के अनुचित आर्थिक एवं मानसिक दोहन से बचाने की व्यवस्था की जाए।
- विभागीय कार्यों एवं निर्णयों के लिए स्पष्ट, सरल एवं पारदर्शी प्रक्रिया विकसित की जाए।
- शिक्षकों को अपनी समस्याएं सीधे वरीय पदाधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिले।
- अनावश्यक कार्यालयी चक्कर से शिक्षकों को मुक्ति दिलाकर उनके समय एवं संसाधनों की बचत की जाए।
- विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन के लिए शिक्षकों की विभागीय समस्याओं का समयबद्ध समाधान किया जाए।
- शिक्षक महापंचायत में प्राप्त शिकायतों एवं लंबित मामलों का अभिलेख/रजिस्टर संधारित कर अगली बैठक में समीक्षा की जाए।
- जिन मामलों में उच्चस्तरीय अथवा अतिरिक्त विभागीय निर्णय आवश्यक हो, उन्हें संबंधित सक्षम पदाधिकारी के समक्ष अग्रसारित कर उसकी प्रगति की निगरानी की जाए।
झारोटेफ जिला अध्यक्ष मनोज मेहता ने कहा कि यह पहल किसी पदाधिकारी अथवा कार्यालय के विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षकों और शिक्षा विभाग के बीच संवाद, समन्वय एवं पारदर्शिता को मजबूत करने की सकारात्मक पहल है। इससे शिक्षकों में विभाग के प्रति विश्वास एवं सहयोग की भावना बढ़ेगी और विद्यालयों में पठन-पाठन का वातावरण भी बेहतर होगा।
उन्होंने कहा कि “शिक्षक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए कार्यालयों का चक्कर लगाने के बजाय एक निर्धारित मंच पर अपनी बात रख सकें, यही शिक्षक महापंचायत का मूल उद्देश्य है।”
झारोटेफ ने पलामू जिला प्रशासन एवं शिक्षा विभाग से इस संबंध में आवश्यक आदेश/दिशा-निर्देश जारी कर प्रत्येक माह तृतीय शनिवार को शिक्षक महापंचायत आयोजित कराने की मांग की है।
जारीकर्ता:
मनोज मेहता
जिला अध्यक्ष, झारोटेफ, पलामू
मो.: 8102975332
मेदिनीनगर, पलामू

