गिरिडीह में बाल श्रम पर सख्ती, रेस्क्यू अभियान चलाने के DDC के निर्देश
गिरिडीह। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने समाहरणालय सभागार में कौशल विकास एवं श्रम विभागों की प्रखंडवार और विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति व अधिकाधिक लाभार्थियों तक पहुँच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कौशल विकास पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं में स्वरोजगार व उद्यमशीलता बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता है और जिला नियोजन कार्यालय व कौशल विभाग से कहा कि अधिकतम युवाओं को प्रशिक्षण देकर सरकारी व निजी क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराए जाएं।
श्रम विभाग की समीक्षा के दौरान स्मृता ने श्रम कानूनों के कड़ाई से पालन पर ज़ोर दिया और बाल श्रम उन्मूलन को सर्वोच्च महत्व बताया। उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मॉल, वी-मार्ट, नर्सिंग होम, ऑटो स्पेयर पार्ट्स जैसे प्रतिष्ठानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की पहचान कर विशेष रेस्क्यू अभियान चलाने तथा नियम अनुसार सीलिंग, जुर्माना व वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। रेस्क्यू बच्चों का प्राथमिकता पर पुनर्वास और शिक्षा से जोड़ने के उपाय किए जाएं।
उप विकास आयुक्त ने मजदूरी भुगतान की नियमित जांच, DBT के माध्यम से मानदेय सुनिश्चित करने, श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा लाभ उपलब्ध कराने व ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों के निबंधन व योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी निर्देश दिए। बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी इमरान फारूखी, श्रम अधीक्षक दीपिका कुमारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

