गिरिडीह में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर भाजपा का भव्य छात्र सम्मेलन
गिरिडीह। भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश द्वारा शुक्रवार को सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, गिरिडीह में भारत के महान शिक्षाविद् और भारतीय जनसंघ के संस्थापक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती पर भव्य छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में छात्रों, युवाओं, शिक्षकों तथा भाजपा कार्यकर्ताओं की बड़ी संख्या ने उत्साहपूर्ण भागीदारी की।
कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। भाजपा प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि डॉ. मुखर्जी का राष्ट्र निर्माण के प्रति समर्पण, शिक्षा के क्षेत्र में दूरदर्शी सोच और राष्ट्रभक्ति आज के युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने युवाओं से कहा कि देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाएँ और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखें।
कार्यक्रम की प्रभारी और भाजपा महिला मोर्चा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रो. विनीता ने विद्यार्थियों को शिक्षा, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत का उज्जवल भविष्य युवाओं के ज्ञान, संस्कार और नेतृत्व क्षमता पर निर्भर करता है। पूर्व जिलाध्यक्ष एवं पूर्व महापौर प्रकाश सेठ ने भी युवा पीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात करने पर बल दिया और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण के लिए युवा संकल्पों की आवश्यकता जताई।
सम्मेलन में विद्यार्थियों ने राष्ट्रभक्ति, देशहित व समाज सेवा के प्रति अपने दायित्वों का संकल्प लिया। युवाओं ने मंच से देश की सेवा और जनजागरूकता के कार्यों को समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प भी दोहराया। मंच संचालन पूर्व नगर अध्यक्ष हरमिंदर सिंह बग्गा ने किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पूर्व जिलाध्यक्ष एवं वर्तमान देवघर जिला प्रभारी यदुनंदन पाठक, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी, ई विनय सिंह, जिलामहामंत्री संदीप डेंगेच सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अन्य उपस्थित लोगों में सिंकू सिन्हा, देवराज, अजय सिन्स, सुरेश मंडल, अनुप सिन्हा, राजेश जयसवाल, संतोष गुप्ता, मनोज संघई, अमित आर्या, सरिता शर्मा, बबली साव, रामबाबू साव और श्रेयांश सौरभ सहित अनेक कार्यकर्ता शामिल थे।
अंत में जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने सभी अतिथियों, विद्यार्थियों व कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया और कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के विचार व आदर्श सदैव राष्ट्रसेवा की प्रेरणा देते रहेंगे। सम्मेलन का समापन “भारत माता की जय”, “वंदे मातरम्” तथा “डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी अमर रहें” के उद्घोष के साथ हुआ।

