मलय डैम की मुख्य नहर टूटी, खरीफ फसल को लेकर किसानों की बढ़ी चिंता

पलामू: मलय डैम की मुख्य नहर टूटने से किसान चिंतित, खरीफ फसल पर मंडराया संकट

मेदिनीनगर (पलामू): पलामू जिले के सतबरवा, सदर मेदिनीनगर और लेस्लीगंज प्रखंड के सैकड़ों किसान मलय डैम से निकलने वाली मुख्य नहर के टूट जाने से गहरी चिंता में हैं। यदि धान की रोपाई से पहले नहर की मरम्मत नहीं हुई तो इस बार खरीफ फसल बुरी तरह प्रभावित होने की आशंका है।
किसानों ने बताया कि नहर के मुख्य हिस्से में गहरी दरार आ गई है, जिससे पानी का बहाव पूरी तरह रुक गया है। क्षेत्र की हजारों एकड़ कृषि भूमि इस नहर पर निर्भर है। किसान रामेश्वर महतो ने कहा, “यह नहर हमारी जीवनरेखा है। अगर समय पर मरम्मत नहीं हुई तो धान की खेती नहीं हो पाएगी और हमारी पूरी फसल बर्बाद हो जाएगी।”
प्रशासन से लगातार मांग, अब तक कोई कार्रवाई नहीं
स्थानीय किसानों ने एकजुट होकर जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग और जनप्रतिनिधियों से बार-बार नहर की मरम्मत की मांग की है, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसानों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार लिखित आवेदन दिए गए, फिर भी विभाग की उदासीनता जारी है।
एक किसान ने बताया, “हमने उपायुक्त महोदय से भी अपील की है। अगर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो हम लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को मजबूर होंगे।”
सिंचाई व्यवस्था बहाल करने की मांग
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि मलय डैम की यह मुख्य नहर पूरे इलाके की कृषि अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। नहर के क्षतिग्रस्त होने से न सिर्फ खरीफ फसल, बल्कि रबी फसल पर भी लंबे समय तक असर पड़ सकता है। उन्होंने पलामू उपायुक्त से तत्काल हस्तक्षेप कर मरम्मत कार्य शुरू करने की अपील की है।
जिला प्रशासन के एक अधिकारी ने कहा कि शिकायत मिली है और जल्द ही मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की अपील:
नहर की मरम्मत तुरंत शुरू की जाए
खरीफ सीजन से पहले सिंचाई सुविधा बहाल हो
समस्या के स्थायी समाधान के लिए ठोस योजना बनाई जाए