कस्तूरबा विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था पर झारखंड छात्र मोर्चा का आक्रोश, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
कस्तूरबा विद्यालयों की बदहाल व्यवस्था पर झारखंड छात्र मोर्चा का आक्रोश, उपायुक्त को सौंपा ज्ञापन
झारखंड छात्र मोर्चा गढ़वा के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के उपायुक्त को ज्ञापन सौंपकर जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में व्याप्त गंभीर कुव्यवस्था, भोजन तालिका (मेनू) के उल्लंघन तथा छात्राओं को मिलने वाली दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री उपलब्ध नहीं कराए जाने के मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि हाल ही में खरौंधी स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में दूषित पानी पीने से 100 से अधिक छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की घटना पूरे शिक्षा तंत्र पर गंभीर सवाल खडा करती है। यह केवल एक विद्यालय की समस्या नहीं, बल्कि जिले के अधिकांश आवासीय विद्यालयों में व्याप्त बदहाल व्यवस्था का परिणाम है। छात्राओं को निर्धारित भोजन तालिका के अनुरूप पौष्टिक भोजन नहीं दिया जा रहा है तथा सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली दैनिक उपयोग की सामग्री, जैसे साबुन, तेल, सैनिटरी पैड एवं अन्य आवश्यक वस्तुएं भी नियमित रूप से उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। झारखंड छात्र मोर्चा ने मांग की है कि भोजन की गुणवत्ता और निर्धारित मेनू के पालन की नियमित निगरानी के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया जाए, जिसमें छात्र संगठन के प्रतिनिधियों को भी शामिल किया जाए। साथ ही छात्राओं को सभी आवश्यक सामग्री नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाए, दूषित पानी की घटना की उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा सभी कस्तूरबा विद्यालयों में शुद्ध पेयजल, वाटर प्यूरीफायर और निर्बाध बिजली व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने कहा कि गरीब एवं ग्रामीण परिवारों की बेटियां बेहतर शिक्षा और सुरक्षित भविष्य की उम्मीद लेकर कस्तूरबा विद्यालयों में आती हैं। यदि उन्हें पौष्टिक भोजन, स्वच्छ पानी और बुनियादी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं, तो यह उनके अधिकारों का खुला हनन है। झारखंड छात्र मोर्चा इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगा और छात्राओं के हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेगा। जिला सचिव विकास चंद्रवंशी ने कहा कि सरकार द्वारा छात्राओं के लिए निर्धारित सभी सुविधाएं उन तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचनी चाहिए। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या भ्रष्टाचार पाया जाता है तो संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जिला सह सचिव आर्यन सिंह ने कहा कि कस्तूरबा विद्यालयों में नियमित सामाजिक एवं प्रशासनिक निगरानी की व्यवस्था आवश्यक है। छात्र संगठनों की भागीदारी से बनी निगरानी समिति पारदर्शिता बढ़ाएगी और छात्राओं को उनका पूरा अधिकार दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
झारखंड छात्र मोर्चा ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही जिले के सभी कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो संगठन छात्रहित में व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। उक्त मौके पर शुभम कुमार, आकाश कुमार उपस्थित थे।

