पोखराहा हादसे के बाद वरदान ट्रस्ट की मांग, सड़क सुरक्षा पर ठोस कार्रवाई जरूरी

लगातार सड़क दुर्घटनाओं से बढ़ रही चिंता, ठोस कार्रवाई की जरूरत : वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट
मेदिनीनगर। सदर थाना क्षेत्र के पोखराहा गांव के समीप हाईवे पर हाईवा और स्कूटी की टक्कर में एक व्यक्ति की दर्दनाक मौत ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दुर्घटना के बाद हाईवा चालक वाहन लेकर भागने का प्रयास कर रहा था, लेकिन स्थानीय ग्रामीणों ने उसे पकड़ लिया। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन किया।
घटना की सूचना मिलने पर सदर थाना प्रभारी अफजल अंसारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया। पुलिस द्वारा ग्रामीणों को समझाकर स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी।
इस घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। गौरतलब है कि पोखराहा में दो दिन पूर्व भी एक सड़क दुर्घटना में एक बुजुर्ग की जान चली गई थी। लगातार हो रही दुर्घटनाओं के कारण ग्रामीणों में भारी नाराजगी और भय का माहौल है।
सामाजिक संस्था वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने इस घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की है। संस्था का कहना है कि सड़क दुर्घटनाएं अब सामान्य घटनाएं नहीं रह गई हैं, बल्कि यह एक गंभीर सामाजिक और प्रशासनिक चुनौती बन चुकी हैं। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसों में और अधिक लोगों की जान जा सकती है।
ट्रस्ट ने सरकार एवं जिला प्रशासन से मांग की है कि दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान कर वहां गति नियंत्रण के उपाय किए जाएं, भारी वाहनों की नियमित जांच हो, ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार पर सख्ती से रोक लगाई जाए तथा सड़क सुरक्षा नियमों के पालन के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही हाईवे किनारे चेतावनी संकेतक, स्पीड ब्रेकर, स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरे लगाने की भी मांग की गई है।
वरदान चैरिटेबल ट्रस्ट ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। वाहन चालकों को यातायात नियमों का पालन करना चाहिए और प्रशासन को भी सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील एवं सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।