घुटुवा पंचायत में विकास की दुर्दशा : एक साल पहले बनी सड़क हुई खस्ताहाल, जल नल योजना भी लटकी

सतबरवा (पलामू) : घुटुवा पंचायत के एकता कोटवारी टोला और सेरेनदाग स्कूल के आदिवासी टोला में विकास कार्यों की बदहाली चरम पर है। एक साल पहले बनाई गई सड़क अब गड्ढों से भरी पड़ी है, जबकि जल नल योजना (जल जीवन मिशन) अभी भी अधर में लटकी हुई है। स्थानीय ग्रामीणों में इसको लेकर गहरी नाराजगी है।
स्थानीय निवासी संदीप यादव के घर के पास और बेलवाहा शंकर सिंह के घर के आसपास की स्थिति सबसे खराब बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि बारिश का मौसम शुरू होते ही सड़क पूरी तरह से unusable हो जाती है।
ग्रामीणों की आवाज :
एक स्थानीय महिला ने बताया, “साल भर पहले बड़ी-बड़ी बातें करके सड़क बना दी गई थी। अब देखिए हालत क्या है? बच्चों को स्कूल जाने में दिक्कत हो रही है, बीमार व्यक्ति को अस्पताल ले जाना भी मुश्किल है। पानी की लाइन का तो नामोनिशान तक नहीं है।”
एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा, “हम आदिवासी और गरीब लोग हैं। सरकार से बस यही उम्मीद है कि जो काम हो रहा है, वो टिकाऊ हो। एक साल में ही सड़क टूट जाए तो फिर ये विकास कहाँ हुआ?”
टोला के कई युवाओं ने आरोप लगाया कि काम में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखा गया। “ठेकेदार ने घटिया सामग्री इस्तेमाल की है। पैसा खर्च हो गया, लेकिन काम टिकाऊ नहीं हुआ।”
आशीष कुमार सिन्हा का संकल्प
इस मामले को लगातार उठाने वाले सतपुरवा प्रखंड के知名 समाजसेवी आशीष कुमार सिन्हा (36) ने स्पष्ट कहा:
“आखिरी सांस तक सतबरवा के जनता के लिए मुद्दा उठाते रहूंगा। जब तक घुटुवा पंचायत के एकता कोटवारी टोला, सेरेनदाग आदिवासी टोला और आसपास के क्षेत्रों में बनी सड़क की मरम्मत और जल नल योजना का सही से क्रियान्वयन नहीं हो जाता, हम लगातार आवाज उठाएंगे। जनता की समस्या हमारी समस्या है।”
आशीष कुमार सिन्हा ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि तुरंत साइट पर जाकर जांच करें और दोषी अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई करें।
मांग
तुरंत सड़क की मरम्मत एवं पुनर्निर्माण
जल नल योजना को शीघ्र पूरा कर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करना
गुणवत्ता जांच की जिम्मेदारी तय करना
नोट : यह क्षेत्र पलामू जिले के सतबरवा प्रखंड अंतर्गत आता है, जहां ग्रामीण विकास की अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन क्रियान्वयन की कमी से जनता परेशान है।
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील है कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द समाधान निकालें

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