केंद्रीय कारा गिरिडीह में जेल अदालत सह विधिक जागरूकता शिविर आयोजित, बंदियों का हुआ हेल्थ चेकअप
जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह की ओर से केंद्रीय कारा, गिरिडीह में आयोजित किया गया जेल अदालत -सह- कानूनी जागरूकता कार्यक्रम एवं बंदियों का मेडिकल हेल्थ चेकअप ।
माननीय झालसा, रांची के निर्देशानुसार एवं माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के मार्गदर्शन में आज दिनांक 17, मई 2026 को केंद्रीय कारा, गिरिडीह में काराधीन बंदियों के बीच जेल अदालत -सह- विधिक जागरूकता शिविर एवं बंदियों का मेडिकल हेल्थ चेकअप का आयोजन किया गया।
ज्ञातव्य हो कि इसी महीने बंदियों के परिवार वालों के हितों को ध्यान में रखते हुए माननीय नालसा एवं माननीय झालसा के निर्देश “मुलाकात से न्याय तक” योजना के तहत जेल में विधिक सहायता हेल्प डेस्क की शुरुआत की गई है । इसका उद्देश्य कैदियों के परिवारों को केस के चरण की जानकारी, अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ या विधिक सहायता की जरूरत हो तो उन्हें प्रदान किया जाएगा ।
इस जेल अदालत सह विधिक जागरूकता कार्यक्रम में सचिव महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह, के मार्गदर्शन में कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली, गिरिडीह, श्री फैयाज अहमद, श्री रवि कुमार शर्मा , श्री पुरुषोत्तम कुमार सहायक कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली, गिरिडीह उपस्थित थे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार गिरिडीह फैयाज अहमद कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के द्वारा बंदियों को प्रदान किए जाने वाले विभिन्न विधिक सहायता के बारे में बतलाते हुए कहा कि माननीय नालसा, नई दिल्ली एवं माननीय झालसा, रांची के द्वारा काराधीन बंदियों के लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम समय-समय पर चलाए जा रहे हैं, जिनके माध्यम से उन बंदियों को उचित विधिक सहायता प्रदान की जाती है। इसी के तहत प्रत्येक महीने जेल अदालत का आयोजन किया जाता है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के माध्यम से कारा में संसीमित बंदियों को निरंतर विधिक सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बंदियों के बीच से ही पारा लीगल वॉलिंटियर्स की नियुक्ति की गई है जो निरंतर बंदियों के संपर्क में रहकर उनकी समस्याओं को कारा प्रशासन के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकार तक पहुंचाते हैं जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए उनकी समस्याओं का समाधान करने की दिशा में कार्य किया जाता है। वैसे बंदीगण जो स्वयं के खर्च पर अपना अधिवक्ता रख पाने में असमर्थ हैं, उनके लिए माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली के निर्देश पर लीगल एड डिफेंस काउंसिल के तहत अधिवक्ताओं की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो उन बंदियों के केस में संबंधित न्यायालय में निरंतर पैरवी करते हैं। बंदियों के मामलों की निरंतर मॉनिटरिंग भी जिला विधिक सेवा प्राधिकार, गिरिडीह के माध्यम से की जाती है।
कानूनी सहायता रक्षा परामर्श प्रणाली, गिरिडीह के सहायक श्री रवि कुमार शर्मा और श्री पुरुषोत्तम कुमार ने बताया जितने मुकदमा आये है संबंधित मुदालय को उसके मुकदमा के बारे में विस्तृत विवरण दिया गया I
बंदियों का मेडिकल हेल्थ चेकअप डॉ आर पी दास के द्वारा किया गया ।
कार्यक्रम को सफल बनाने मे जेल पीएलबी एवं जेल कर्मियों की भूमिका सराहनीय रही।

