गढ़वा के DAV स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर, छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नालसा के द्वारा संचालित 90 दिवसीय आउटरीच प्रोग्राम के तहत आज जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष प्रधान जिला एवं सत्र न्यायधीश श्री मनोज प्रसाद एवम सचिव महोदया श्रीमती निभा रंजना लकड़ा के निर्देश पर आज दिनांक 6-5-2026 को गढ़वा सदर प्रखण्ड स्थित डीएवी पब्लिक स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का थीम था ‘ लीगल सर्विसेज टू विक्टिम ऑफ ड्रग्स एब्यूज एंड ईराडिकेशन ऑफ ड्रग मैनेंस 2016’ और इसका मुख्य उद्देश्य था नशे से पीड़ित लोगों को विधिक सहायता प्रदान करना एवं नशे के उन्मूलन हेतु उपाय करना। कार्यक्रम की शुरुआत चिनिया प्रखंड के पीएलवी सुधीर कुमार चौबे ने अपने संबोधन से किया उन्होंने बताया की मौजूदा समय में देश में 13-15 करोड़ लोग किसी न किसी नशें का शिकार है जो की देश के लिए एक गंभीर विषय है और यह संख्या निरंतर बढ़ती जा रही है। स्कूली छात्रों को ड्रग हैंडलर के द्वारा इसका लत लगाया जा रहा है पीएलवी के द्वारा बच्चों को बताया गया कि ऐसे लोगों से सावधान रहें और समाज में नशे के खिलाफ जागरूकता लाने में सहयोग करें साथ ही नशे से पीड़ित लोगों की उपेक्षा न होने दे उनमें भरोशा जताए जिससे वे समाज की मुख्य धारा में शामिल हो सके। कार्यक्रम को आगे बढ़ाते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार की पैनल अधिवक्ता श्रीमती फ़रोग़ खान ने एनडीपीएस एक्ट 1985 के बारे में जानकारी दी जिसका का पूरा नाम Narcotic Drugs and Psychotropic Substances Act, 1985 है। यह भारत का कानून है जो नशीले पदार्थों (ड्रग्स) और मन:प्रभावी पदार्थों के उत्पादन, बिक्री, खरीद, उपयोग, परिवहन और तस्करी को नियंत्रित करता है साथ ही उन्होंने इसमें दी जाने वाली सजा एवं आर्थिक जुर्माना के प्रावधानों की जानकारी दी। कार्यक्रम को पीएलवी कळामुदीन एवम रविन्द्र यादव ने भी संबोधित किया कळामुदीन ने राज्य सरकार द्वारा संचालित अनाथ बच्चों के लिए स्पॉन्सरशिप योजना एवं ह्यूमन ट्रैफिकिंग की जानकारी दी। रविन्द्र यादव ने कार्यक्रम के समापन के दौरान धन्यवाद अभिभाषण दिया इस कार्यक्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से अधिवक्ता फ़रोग खान पीएलवी सुधीर कुमार चौबे, कलामुदीन अंसारी रविन्द्र यादव उपस्थित थे और स्कूल की तरफ से प्रधानाचार्य एवम शंभू त्रिपाठी जी उपस्थित थे।

