सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में गौतम बुद्ध जयंती पर गूँजा ‘अप्प दीपो भव’ का उद्घोष

सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा में गौतम बुद्ध जयंती पर गूँजा ‘अप्प दीपो भव’ का उद्घोष
बरगंडा, गिरिडीह, 1 मई 2026:
सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, बरगंडा का परिसर शुक्रवार को गौतम बुद्ध जयंती के अवसर पर शांति, करुणा एवं ज्ञान की त्रिवेणी में डूब गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ प्रधानाचार्य श्री आनंद कमल द्वारा माँ शारदे एवं गौतम बुद्ध के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया।

प्रधानाचार्य ने अपने उद्बोधन में कहा, “ढाई हजार वर्ष पूर्व पीपल वृक्ष के नीचे जला ज्ञान का दीपक आज भी सम्पूर्ण विश्व को आलोकित कर रहा है। बुद्ध ने कहा था ‘अप्प दीपो भव’ – अपना दीपक स्वयं बनो। शिशु मंदिर का हर बच्चा अपने जीवन का दीपक स्वयं बने, यही हमारी तपस्या है।”

भैया-बहनों ने सिद्धार्थ से बुद्ध बनने की आध्यात्मिक यात्रा को ओजस्वी भाषणों के माध्यम से जीवंत कर दिया।

वहीं ‘अस्मिता’ द्वारा आयोजित कबड्डी प्रतियोगिता में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर बरगंडा की बहनों ने अपने अदम्य साहस एवं खेल कौशल का परिचय देते हुए विजयश्री प्राप्त की। बहनों की इस गौरवपूर्ण जीत से विद्यालय परिवार में उत्साह का संचार हो गया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य श्री आनंद कमल ने विजेता बहनों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि, “आज का दिन हमारे लिए दोहरी खुशी लेकर आया है। एक ओर हमने तथागत बुद्ध के शांति एवं अहिंसा के संदेश को आत्मसात किया, वहीं दूसरी ओर हमारी बहनों ने खेल के मैदान में शक्ति और संकल्प का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया। बुद्ध का ‘मध्यम मार्ग’ हमें सिखाता है कि ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक दृढ़ता भी आवश्यक है। हमारी बहनों ने यह सिद्ध कर दिया कि सरस्वती की उपासना के साथ उनमें चंडी का तेज भी है। मैं इनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना करता हूँ। पढ़ाई और खेल का यह समन्वय ही शिशु मंदिर की संस्कारयुक्त शिक्षा का आधार है।”

“सर्वे भवन्तु सुखिनः, सर्वे सन्तु निरामयाः” के शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। सभी आचार्य जी, दीदी जी एवं भैया-बहनों ने बुद्ध के पंचशील सिद्धांतों को जीवन में उतारने का संकल्प लिया