पांकी के लावाबार में आग की लपटों में खाक हुआ गरीब आदिवासी का आशियाना, दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार
पांकी के लावाबार में आग की लपटों में खाक हुआ गरीब आदिवासी का आशियाना, दाने-दाने को मोहताज हुआ परिवार
पांकी प्रखंड के संगलदीपा पंचायत अंतर्गत लावाबार गांव से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ एक गरीब आदिवासी परिवार के कच्चे मकान में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन और जमापूंजी समेत सारा सामान जलकर खाक हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार के सदस्यों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का काफी प्रयास किया, लेकिन संसाधनों की कमी के कारण वे कच्चे मकान को बचाने में असमर्थ रहे। गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी भी सदस्य की जान को नुकसान नहीं पहुँचा, लेकिन सिर छिपाने की छत छिन जाने से परिवार अब खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर है।
अपनी जीवन भर की कमाई को राख के ढेर में तब्दील देख पीड़ित परिवार का बुरा हाल है। परिवार के मुखिया मैनेजर सिंह पिता रामजीत सिंह ने नम आंखों से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि उन्हें तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए व सरकारी प्रावधानों के तहत उचित मुआवजा दिया जाए।
’प्रधानमंत्री आवास योजना’ या अन्य सरकारी योजनाओं के माध्यम से उनके घर का पुनर्निर्माण कराया जाए।
ग्रामीणों में आक्रोश और सहानुभूति
गांव के लोगों ने भी प्रशासन से मांग की है कि इस विपदा की घड़ी में पीड़ित आदिवासी परिवार को अकेला न छोड़ा जाए। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर था और इस अग्निकांड ने उन्हें दाने-दाने को मोहताज कर दिया है।
अब देखना यह है कि स्थानीय प्रशासन और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इस मामले में कितनी तत्परता दिखाते हैं और पीड़ित परिवार को कब तक सहायता पहुँच पाती है।

