सरकारों के आरोप-प्रत्यारोप में पिस रहे किसान और पैक्स कर्मी, भुगतान अब तक अटका

सिर्फ पैक्स कर्मचारी को गोल गोल घुमा रही केंद्र व राज्य सरकार,गौरतलब है कि केंद्र bip राज्य महागठबंधन की सरकार होने से एक दूसरे पर दोष मढ़ रहे है इस ओह पोह की चक्की में गिरिडीह सहित पूरे झारखंड लैंप्स पैक्स व किसान पिसे जा रहे हैं चुनाव के सभी राजनीति दल के नेता का भाषण देते सुना गया है कि मैं किसान का बेटा हूं भारत कृषि प्रधान देश है, भारत की आत्मा यहां के मेहनत कश किसान है , भारत की आत्मा गांवों में बसती है वगैरह,आज तक सता पक्ष , विपक्ष का किसी तरह का कोई स्टेट मेट नही आना पक्ष वो विपक्ष का किसानों के प्रति कितना सकारात्मक सोच है का सवाल बनता हैं राजनैतिक विद्वेष का शिकार बन रहे पैक्सकर्मी और राज्य का किसान व्यापक प्रचार प्रसार ,24 घंटा में एक मुक्त भुगतान के जाल में फंसे किसान व पैक्स कर्मी पैक्स के प्रतिनिधि समस्या से अवगत गणेश परिक्रमा रांची ओर दिल्ली करने के बाद भी आश्वासन मिल रहा है अप्रैल माह खत्म पैक्स कर्मचारी किसानों से प्राप्त धान का अब तक सरकार के आश्वासन का भरोसा दिला रहे हैं पैक्स गोदाम में रखे धान खराब हो रहा है नेता सब चुनाव में व्यस्त है ।