गढ़वा में झामुमो का भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी पर हमला, लगाए गंभीर आरोप

निकम्मा औऱ बेतुके बयानबाज़ विधायक हैँ सत्येंद्र नाथ तिवारी – झामुमो

फोटो – प्रेस कांफ्रेंस करते हुए झामुमो जिला कमिटी

झामुमो जिला कमिटी ने प्रेस कांफ्रेंस करते हुए कहा कि गढ़वा की जनता आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रही है। विधायक होने क़े घमंड में चूर भाजपा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने गढ़वा शहर को विकास के नाम पर केवल बदहाली और धूल का उपहार दिया है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) विधायक की निष्क्रियता व असंसदीय भाषा की कड़े शब्दों में निंदा करता है।

नारकीय स्थिति में तब्दील है गढ़वा शहर, लोग त्राहि-त्राहि कर रहे हैँ,महीनों से स्थिति सुधार कि मांग कर रहे हैँ लेकिन ये कुम्भकर्णी नींद में सोये विधायक समस्याओ को नजर अंदाज करते रहे, जो इनकी खाशीयत भी है ! शहर की सड़कों की हालत ऐसी है कि शहर कि सड़को का धूल लोगो क़े घरों औऱ दुकानों में जमा हो रहा है, लेकिन विधायक महोदय केवल बयानबाजी तक सीमित हैं। गढ़वा कि सड़को कि आज जो दुर्दशा है उसका कारन सत्येंद्र नाथ तिवारी है, अपनी दोषों को दूसरे क़े मत्थे मढ़ने में पारंगत है, जनता का आक्रोश बढ़ते देख तुरंत मुद्दे से भटकाना औऱ पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर जी क़े ऊपर आरोप मढ़ देना इनका पुराना ड्रामा है !!

सत्येंद्र नाथ तिवारी को मिथिलेश फोबिया हो गया है, वो इनके लोकप्रियता से इतने परेशान हैँ कि अपना मानसिक संतुलन खो बैठे हैँ, जो उनके अनर्गल व असभ्य बयानबाजी से प्रत्यक्ष रूप से प्रमाणित हो रहा है, वो अपनी राजनैतिक विफलता छुपाने क़े लिये माननीय पूर्व मंत्री पर औऱ उनके परिवार पर अमर्यादित टिप्पणी कर क़े अपनी जलनशील कुंठा को शांत करते नजर आ रहे हैँ !

झामुमो केंद्रीय सदस्य जवाहर पासवान जी ने कहा कि पेशे से ठेकेदार रहे सत्येंद्र नाथ तिवारी अभी अभियंता बनकर सडक पर ड्रामा करते फिर रहे हैँ, अपने “”रेट कार्ड””कमिशन क़े लिये हाये प्राण करते नजर आ रहे हैँ, लगातार दबाव बनाने क़े बाद भी उनको कमीशन नहीं मिला तो खुलेयाम धमकी भरे शब्दों क़े साथ जनता क़े सामने नजर आ रहर हैँ! भ्रष्ट ठेकेदार व कमीशन खोर विधायक सत्येंन्द्र नाथ तिवारी जनसमस्या को दरकिनार कर अपने कमीशन क़े लिये तमाशा करते नजर आ रहे हैँ, कमीशन न मिलने का दर्द उनके कॉन्फ्रेंस में भी दिख रहा है ! जिसमे वो संयम खोते हुए पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर पर पारिवारिक व अमर्यादित टिप्पणी कर रहे हैँ, जो असंवैधानिक है ! सडक सुधार क़े लिये समन्वय बिठाने में विधायक पूरी तरह विफल नजर आ रहे हैँ औऱ आरोप का खेल सुरु कर दिए , इनके पास विकास का कोई विजन नहीं है!!
अभी कुछ दिनों पहले नगर परिषद क़े भवन निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर कार्य को प्रभावित करने का भरपूर कोसीस किये, किन्तु जैसेही ठेकेदार क़े द्वारा उनको मिठाई खिलाया गया तो ठेकेदार उनके प्रिय हो गये, यह मिठाई अलक़तरा वाला कि तरह हि था, कमीशनखोरी क़े लिये नाच रहे थे मिला तो मौन हो गए!!

झामुमो क़े वरिष्ठ नेता मनोज तिवारी जी क़े कहा कि पूरी गढ़वा नहीं अपितू पूरा झारखण्ड को ज्ञात है कि विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी कमीशनखोर व घोटालेबाज़ प्रतिनिधि है, अलक़तरा घोटाले में जेल कि हवा खा चुके हैँ सत्येंद्र नाथ तिवारी!! अलक़तरा घोटाले से इनकी पहचान होती है, जिसके ये मुख्य दोषी हैँ, न जाने कैसे इतना अलकतरा पी गए !! सीबीआई के रिपोर्ट क़े अनुसार तत्कालीन निदेशक के रूप में उन पर सड़क निर्माण के लिए अलकतरा की खरीद में फर्जी चालान के जरिए सरकारी राशि के गबन और आपराधिक साजिश का आरोप भी तय हो चूका है। श्री तिवारी ने कहा कि सत्येंद्र नाथ तिवारी भ्रष्टाचार व कमीशनखोरी क़े बाद अब गुंडागर्दी पर आ गए हैँ, एक सडक छाप गुंडा कि भाषा में लोकतंत्र क़े चौथे स्तम्भ (मीडिया बंधुओं) क़े समक्ष उनका पेश आना दुर्भाग्य पूर्ण है!!

झामुमो जिला सचिव शरीफ अंसारी ने सलाह देते हुए कहा कि जितनी जल्दी हो सके समय रहते वो मनोरोग चिकित्सालय जाये ताकि बेहतर इलाज हो सके!!

मौक़े पर झामुमो जिला सचिव शरीफ अंसारी,झामुमो वरिष्ठ नेता व अधिवक्ता परेश तिवारी, केंद्रीय सदस्य तनवीर आलम, मनोज ठाकुर, झामुमो बुद्धिजीवी प्रकोष्ठ क़े जिला सचिव अशार्फी राम, झामुमो उपाध्यक्ष रौशन पाठक, झामुमो युवा मोर्चा प्रवक्ता सुजीत चंद्रवंशी, लल्लू मेहता, अजय ठाकुर लोग उपस्थित थे!!